India-France Rafale Deal: भारत के दुश्मनों की अब खैर नहीं! पहले से और मजबूत होगी वायुसेना, मोदी सरकार ने इतने राफेल विमानों की खरीद को दी मंजूरी

भारत ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी

India-France Rafale Deal: भारत के दुश्मनों की अब खैर नहीं! पहले से और मजबूत होगी वायुसेना, मोदी सरकार ने इतने राफेल विमानों की खरीद को दी मंजूरी
Modified Date: February 12, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: February 12, 2026 5:17 pm IST

नई दिल्ली: India-France Rafale Deal: रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद के काफी समय से लंबित प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने रक्षा बलों की युद्ध तत्परता बढ़ाने के लिए कुल 3.60 लाख करोड़ रुपये के सैन्य उपकरणों के पूंजीगत अधिग्रहण को मंजूरी दी। राफेल विमानों की खरीद को मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से ठीक चार दिन पहले मिली। इस सौदे को हालांकि अंतिम रूप देने के लिए औपचारिक अनुबंध इस साल के अंत से पहले होने की संभावना नहीं है, क्योंकि रक्षा मंत्रालय को अब हथियारों के पैकेज की लागत और बारीक विवरणों को अंतिम रूप देने के लिए दसॉल्ट एविएशन के साथ बातचीत करनी होगी।

अप्रैल 2019 में, भारतीय वायुसेना ने लगभग 18 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से 114 बहु-भूमिका लड़ाकू विमान (एमआरएफए) की खरीद के लिए एक आरएफआई (सूचना के लिए अनुरोध), या प्रारंभिक निविदा जारी की। इसे हाल के वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े सैन्य खरीद कार्यक्रमों में से एक के रूप में प्रचारित किया गया था। इस परियोजना के अन्य दावेदारों में लॉकहीड मार्टिन का एफ-21, बोइंग का एफ/ए-18 और यूरोफाइटर टाइफून शामिल थे। लड़ाकू विमानों की खरीद का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय वायुसेना के लड़ाकू स्क्वाड्रन की संख्या आधिकारिक तौर पर स्वीकृत 42 की संख्या से घटकर 31 रह गई है।

2015 में मोदी सरकार ने 36 राफेल के लिए किया था समझौता

India-France Rafale Deal: लगभग 13 साल पहले, रक्षा मंत्रालय ने मध्यम बहु-भूमिका लड़ाकू विमान (एमएमआरसीए) के एक बेड़े की खरीद के लिए जमीनी स्तर पर तैयारी पूरी कर ली थी। हालांकि, यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई थी। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की स्क्वाड्रन संख्या में तेजी से हो रही गिरावट के मद्देनजर, 2015 में मोदी सरकार ने 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए समझौते की घोषणा की थी। भारतीय वायुसेना वर्तमान में इन राफेल विमानों का संचालन करती है।

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