Bhopal Collector NHRC Warning : राजधानी के कलेक्टर को NHRC ने थमाया नोटिस! इस बात को लेकर दी चेतावनी, कहा- 4 हफ्ते में रिपोर्ट न दी तो होगा बड़ा एक्शन

भोपाल के अरेरा कॉलोनी में अवैध रूप से संचालित शराब दुकान के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर को अंतिम चेतावनी जारी की है। आयोग ने चार सप्ताह में कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Bhopal Collector NHRC Warning : राजधानी के कलेक्टर को NHRC ने थमाया नोटिस! इस बात को लेकर दी चेतावनी, कहा- 4 हफ्ते में रिपोर्ट न दी तो होगा बड़ा एक्शन

Bhopal Collector NHRC Warning / Image source : screengrab

Modified Date: February 12, 2026 / 09:49 pm IST
Published Date: February 12, 2026 9:44 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अरेरा कॉलोनी में अवैध शराब दुकान पर NHRC सख्त।
  • भोपाल कलेक्टर को चार हफ्ते में कार्रवाई का निर्देश।
  • कार्रवाई न होने पर PHR एक्ट की धारा 13 के तहत दंडात्मक कदम संभव।

भोपाल : Bhopal Collector NHRC Warning  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अरेरा कॉलोनी में संचालित अवैध शराब दुकान के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस मामले में भोपाल कलेक्टर को अंतिम चेतावनी जारी की है। NHRC ने स्पष्ट किया है कि यदि अवैध दुकान के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई, तो कलेक्टर के खिलाफ ‘मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम’ 1993 की धारा 13 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

अवैध रूप से संचालित शराब दुकान से जुड़ा है विवाद

यह पूरा विवाद अरेरा कॉलोनी स्थित एक आवासीय प्लॉट पर अवैध रूप से संचालित हो रही शराब दुकान से जुड़ा है। Bhopal Collector NHRC Warning  स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कदम न उठाए जाने पर आयोग ने नाराजगी जाहिर की है। NHRC ने अपनी सख्ती दिखाते हुए कहा कि आवासीय क्षेत्र में शराब दुकान का संचालन नियमों का उल्लंघन है। आयोग ने भोपाल कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि अगले चार सप्ताह के भीतर इस मामले में ठोस कार्रवाई की जाए और उसकी विस्तृत रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश की जाए।

जिला प्रशासन में मचा हड़कंप

मानवाधिकार आयोग की इस अंतिम चेतावनी के बाद अब जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आवासीय क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आयोग ने चार हफ्ते का समय दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो भोपाल कलेक्टर को PHR एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

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