ITR Filing Missed: 31 अगस्त की ITR डेडलाइन गई अब क्या होगा? सरकार ने छोड़ा एक रास्ता, लेकिन जुर्माने और रिफंड को लेकर जान लें ये जरूरी बात

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ITR Filing Missed: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की 31 अगस्त की अंतिम तारीख निकल चुकी है। अब भी टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2026 तक लेट फीस के साथ बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 11:25 AM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 11:27 AM IST

(ITR Filing Missed/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • 31 अगस्त की ITR डेडलाइन खत्म
  • 31 दिसंबर तक बिलेटेड ITR का मौका
  • लेट फीस 5,000 रुपये तक

नई दिल्ली: ITR Filing Missed: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की 31 अगस्त की समयसीमा (ITR Filing Missed) अब समाप्त हो चुकी है। अगर आप किसी वजह से समय पर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इनकम टैक्स नियमों के तहत अभी भी आपके पास रिटर्न दाखिल करने का विकल्प मौजूद है। लेकिन देरी से ITR भरने पर कुछ अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

31 दिसंबर तक भर सकते हैं बिलेटेड ITR

31 अगस्त की डेडलाइन निकलने के बाद टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड ITR दाखिल (ITR Filing Missed) कर सकते हैं। एस.के. पटोदिया एलएलपी के एसोसिएट डायरेक्टर मिहिर टन्ना के मुताबिक, देरी से रिटर्न भरने पर लेट फीस के साथ बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है। अगर 31 दिसंबर से पहले ही इनकम टैक्स विभाग आपका असेसमेंट पूरा कर देता है तो इसके बाद ITR दाखिल करने का मौका नहीं मिलेगा।

देरी पर लगेगी लेट फीस और ब्याज

बिलेटेड ITR पर लगने वाली लेट फीस आपकी कुल आय पर निर्भर करती है। अगर सालाना आय 5 लाख रुपये तक है तो अधिकतम 1,000 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं 5 लाख रुपये से ज्यादा आय वालों के लिए यह शुल्क 5,000 रुपये तक हो सकता है। इसके अलावा बकाया टैक्स पर हर महीने 1 फीसदी की दर से ब्याज भी लग सकता है। डेडलाइन चूकने से बिजनेस या कैपिटल लॉस को आगे के वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी प्रभावित हो सकता है।

रिवाइज्ड ITR से सुधार का मौका

अगर आपने समय पर ITR भर दिया है, लेकिन उसमें कोई गलती या जरूरी जानकारी छूट गई है तो रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए रिवाइज्ड ITR की समयसीमा 31 मार्च 2027 तक है। हालांकि 31 दिसंबर के बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर लागू नियमों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

आखिरी विकल्प है देरी माफी

अगर कोई व्यक्ति 31 दिसंबर 2026 तक भी ITR दाखिल नहीं (ITR Filing Missed) कर पाता है तो कुछ परिस्थितियों में देरी माफी के लिए इनकम टैक्स विभाग से अनुरोध किया जा सकता है। इसके लिए देरी का उचित और ठोस कारण बताना जरूरी होगा। संबंधित दस्तावेज भी देने पड़ सकते हैं। यह सुविधा अपने आप नहीं मिलती, अंतिम फैसला टैक्स अधिकारियों की संतुष्टि और मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

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31 अगस्त के बाद ITR कब तक दाखिल कर सकते हैं?

31 अगस्त की डेडलाइन निकलने के बाद टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं।

बिलेटेड ITR पर कितनी लेट फीस लगेगी?

5 लाख रुपये तक की आय पर 1,000 रुपये और 5 लाख रुपये से अधिक आय पर 5,000 रुपये तक लेट फीस लग सकती है।

क्या देरी से ITR भरने पर ब्याज भी देना होगा?

हां, अगर टैक्स बकाया है तो उस पर नियमों के अनुसार ब्याज देना पड़ सकता है।

रिटर्न में गलती होने पर क्या उसे सुधार सकते हैं?

हां, गलत या अधूरी जानकारी को ठीक करने के लिए रिवाइज्ड ITR दाखिल करने का विकल्प मौजूद है।