Petrol Diesel Price 13 May 2026: अब जेब पर पड़ेगी डबल मार! पेट्रोल-डीजल 5 रुपये तक महंगा करने की तैयारी? सरकार ने बनाया ये प्लान, जानिए आपके शहर में आज क्या है ईंधन के रेट

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Petrol Diesel Price 13 May 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है और पेट्रोल-डीजल महंगे (Petrol and Diesel Price) होने की आशंका बढ़ गई है। बढ़ती कीमतों से सरकार, तेल कंपनियों और आयात खर्च पर दबाव बढ़ने के बाद नई रणनीति बना रही है।

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  • Publish Date - May 13, 2026 / 08:59 AM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 09:09 AM IST

(Petrol Diesel Price 13 May 2026/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल के दाम में तेजी
  • 13 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे
  • पेट्रोल-डीजल 5 रुपये तक महंगे हो सकते हैं

नई दिल्ली: Petrol Diesel Price 13 May 2026 in India: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों (Crude Oil Price) में लगातार तेजी देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से कई देशों की चिंता बढ़ गई है। भारत में भी इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है।

फिलहाल नहीं बढ़े ईंधन के दाम

13 मई 2026 को देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol and Diesel Prices) में कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे आम लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है। सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल दाम स्थिर रखने का फैसला किया है ताकि महंगाई का बोझ लोगों पर ज्यादा न बढ़े। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार ऊपर-नीचे हो रही हैं। लेकिन अभी तक घरेलू बाजार में इसका असर नहीं दिखा है।

बढ़ सकते हैं पेट्रोल और डीजल के दाम

अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम (Petrol and Diesel Rates)बढ़ सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार 15 मई के बाद तेल कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं। वहीं एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम (LPG Gas Cylinder Price) भी 40 से 50 रुपये तक बढ़ने की संभावना है।

तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल बाजार कीमत से कम दर पर ईंधन बेच रही हैं। इससे कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो सरकार और तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है।

आयात पर निर्भर है भारत

भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ता है। सरकार फिलहाल अचानक बड़ी बढ़ोतरी से बचना चाहती है और धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। ताकि महंगाई पर ज्यादा असर न पड़े।

भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम (रुपये प्रति लीटर) 13 मई 2026

शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली 94.72 87.62
मुंबई 104.21 92.15
कोलकाता 103.94 90.76
चेन्नई 100.75 92.34
अहमदाबाद 94.49 90.17
बेंगलुरु 102.92 89.02
हैदराबाद 107.46 95.7
जयपुर 104.72 90.21
लखनऊ 94.69 87.8
पुणे 104.04 90.57
चंडीगढ़ 94.3 82.45
इंदौर 106.48 91.88
पटना 105.58 93.8
सूरत 95 89
नासिक 95.5 89.5

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पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों बढ़ सकते हैं?

मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिसका असर भारत पर पड़ सकता है।

क्या अभी पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है?

नहीं, 13 मई 2026 को कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दाम कितने बढ़ सकते हैं?

अनुमान है कि पेट्रोल और डीजल 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं।

भारत पर इसका ज्यादा असर क्यों पड़ता है?

भारत अपनी जरूरत का अधिकतर कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर देश पर पड़ता है।