पेट्रोल, डीजल के दाम फिलहाल नहीं बढ़ेंगे, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त भंडार: सूत्र

पेट्रोल, डीजल के दाम फिलहाल नहीं बढ़ेंगे, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त भंडार: सूत्र

पेट्रोल, डीजल के दाम फिलहाल नहीं बढ़ेंगे, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त भंडार: सूत्र
Modified Date: March 9, 2026 / 08:07 pm IST
Published Date: March 9, 2026 8:07 pm IST

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की जाएगी। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यह बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पूरे देश में ईंधन की सुचारू आपूर्ति के लिए प्रयास तेज कर दिये हैं।

पश्चिम एशिया में दसवें दिन जारी संघर्ष के साथ ही, वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट आई और अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में लगभग 65 प्रतिशत अधिक थी। हालांकि, बाद में इसमें गिरावट आई।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार वैश्विक तेल बाजारों पर नजर रख रही है, लेकिन खुदरा ईंधन की कीमतों में तत्काल वृद्धि की कोई योजना नहीं है। उम्मीद है कि पेट्रोलियम विपणन कंपनियां फिलहाल मौजूदा लागत दबाव को वहन करेंगी।

हालांकि, देश में अगले छह से आठ सप्ताह की जरूरतों को पूरा करने के लिए कच्चा तेल और तैयार उत्पादों (ईंधन) दोनों का पर्याप्त भंडार है, पर सरकार ने खाना पकाने की गैस एलपीजी भराने का ऑर्डर देने की नीति में बदलाव किया है।

सूत्रों ने बताया कि जमाखोरी को रोकने के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर भराने के लिए बुकिंग की न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। इसका मकसद सिलेंडर की जमाखोरी को रोकना और उनका समान वितरण सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि एक औसत परिवार एक वर्ष में 14.2 किलोग्राम के सात से आठ एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करता है और आमतौर पर उन्हें छह सप्ताह से कम समय में उसे भराने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, जमाखोरी और बाजार में जानबूझकर कमी की स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए सिलेंडर भराने के लिए बुकिंग अवधि बढ़ाई गई है।

उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों के पास एलपीजी का पर्याप्त भंडार है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार वैश्विक ऊर्जा स्थिति पर नजर रख रही है और आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर बनाए रखने के लिए कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों से पर्याप्त कच्चा तेल उपलब्ध है। लेकिन एलपीजी आपूर्ति में किसी भी तरह की कमी की भरपाई करना अधिक समय लेने वाला है, क्योंकि अन्य वैकल्पिक स्रोत मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा में स्थित हैं।

निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम स्तर पर लाने और इसके किसी भी हिस्से का उपयोग पेट्रोरसायन बनाने के लिए नही करने का आदेश दिया है।

एक सूत्र ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की स्थिति काफी संतोषजनक है।

उन्होंने कहा, ‘‘देश में हर पेट्रोल पंप चालू है, घरों की रसोई में पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है, और सभी सीएनजी स्टेशन खुले हैं। घबराने की कोई बात नहीं है।’’

भाषा रमण अजय

अजय


लेखक के बारे में