नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) फोनपे पेमेंट गेटवे ने वीजा और मास्टरकार्ड के क्रेडिट और डेबिट कार्ड लेनदेन के लिए ‘फोनपे पीजी बोल्ट’ पेश किया है। कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह समाधान ‘डिवाइस टोकनाइजेशन’ का इस्तेमाल करता है, जिससे फोनपे मंच के उपयोगकर्ताओं और व्यवसाय साझेदारों को ऐप के भीतर ही सुरक्षित और कुशल भुगतान अनुभव मिलेगा।
फोनपे के व्यापारिक सेवाओं के मुख्य व्यवसाय अधिकारी (सीबीओ) युवराज सिंह शेखावत ने कहा कि वीजा और मास्टरकार्ड के लिए ‘फोनपे पीजी बोल्ट’ की शुरुआत करोड़ों भारतीयों के लिए डिजिटल भुगतान को सरल बनाने की कंपनी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किसी ऐप पर कार्ड से भुगतान करने के लिए अक्सर कार्ड नंबर, वैधता तिथि और सीवीवी डालना पड़ता है। ‘बोल्ट’ इस प्रक्रिया को खत्म कर देता है और बार-बार कार्ड का ब्योरा नहीं भरना पड़ता। फोनपे कार्ड के असली नंबर की जगह एक सुरक्षित कोड (टोकन) बना देता है। असली कार्ड नंबर व्यापारी के पास नहीं जाता और केवल एक सुरक्षित ‘टोकन’ जाता है। इससे डेटा चोरी का खतरा कम हो जाता है।
शेखावत ने कहा, ”डिवाइस टोकनाइजेशन का लाभ उठाकर, हम उपयोगकर्ताओं और व्यापारियों को पारंपरिक और बोझिल भुगतान प्रक्रिया से हटाकर एक सुरक्षित, वन-क्लिक भुगतान अनुभव की ओर ले जाएंगे। इससे न केवल उपयोगकर्ता की सुविधा बढ़ती है, बल्कि हमारे व्यवसाय साझेदार भी कम ‘ड्रॉप-ऑफ’ (भुगतान बीच में छोड़ना) के साथ वृद्धि को अधिकतम कर सकते हैं।”
बयान के मुताबिक कार्ड के संवेदनशील विवरणों को सुरक्षित ‘टोकन’ से बदलकर, यह प्रणाली उसी डिवाइस पर किए जाने वाले लेनदेन के दौरान सीवीवी दर्ज करने की आवश्यकता को समाप्त कर देता है।
भाषा पाण्डेय