फोनपे का अगले दशक में वित्तीय समावेशन, छोटे कारोबारियों को कर्ज पर जोरः सीईओ
फोनपे का अगले दशक में वित्तीय समावेशन, छोटे कारोबारियों को कर्ज पर जोरः सीईओ
मुंबई, नौ सितंबर (भाषा) डिजिटल भुगतान मंच फोनपे के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर निगम ने बुधवार को कहा कि कंपनी अगले दशक में वित्तीय समावेशन बढ़ाने के साथ छोटे कारोबारियों और बिना पारंपरिक क्रेडिट इतिहास वाले लोगों तक कर्ज की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान देगी।
निगम ने यहां वित्तीय प्रौद्योगिकी सम्मेलन ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में कंपनी के भविष्य का खाका पेश करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा, “वास्तविक वित्तीय समावेशन का मतलब सामाजिक-आर्थिक वर्गों के आधार पर अलग-अलग उत्पाद तैयार करना नहीं है। इसका मतलब ऐसी एक व्यवस्था तैयार करना है, जो हर भारतीय की जरूरत के मुताबिक खुद को ढाल सके।”
उन्होंने कहा कि फोनपे की कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित ऋण मूल्यांकन प्रणाली 2.5 मिनट में कर्ज वितरण में सक्षम है। कंपनी कारोबारियों के दैनिक भुगतान और निपटान के इतिहास का इस्तेमाल उनके ऋण आकलन में कर रही है, जिससे बिना पारंपरिक क्रेडिट स्कोर वाले कारोबारियों तक भी कर्ज पहुंचाने में मदद मिलेगी।
निगम ने कहा कि कंपनी फीचर फोन उपयोगकर्ताओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए ‘यूपीआई 123पे’ के विस्तार पर काम कर रही है। प्रमुख मोबाइल फोन विनिर्माताओं के साथ साझेदारी में आठ लाख से अधिक सक्षम उपकरण भेजे जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि फोनपे छोटे निवेश को आसान बनाने और कारोबारियों के लिए एआई तथा डेटा आधारित सेवाओं का विस्तार करने पर भी ध्यान दे रही है। फोनपे के मंच पर हर महीने 11 अरब से अधिक लेनदेन होते हैं। इन आंकड़ों का इस्तेमाल कारोबारियों को स्थानीय स्तर की कारोबारी जानकारी देने के लिए किया जा रहा है।
निगम ने निवेश संबंधी मार्गदर्शन के लिए पेश ‘क्रिस्प’ टूल का भी उल्लेख किया, जो बाजार की स्थिति की वास्तविक समय में जानकारी देता है। उन्होंने कहा कि मंच बड़ी राशि के निवेश और वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) कारोबार करने वाले उच्च संपत्ति वाले ग्राहकों की जरूरतें भी पूरी करता है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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