लाभार्थियों के लिए पीएमईजीपी पर ब्याज गणना की व्यवस्था हो: संसदीय समिति

लाभार्थियों के लिए पीएमईजीपी पर ब्याज गणना की व्यवस्था हो: संसदीय समिति

लाभार्थियों के लिए पीएमईजीपी पर ब्याज गणना की व्यवस्था हो: संसदीय समिति
Modified Date: November 29, 2022 / 08:51 pm IST
Published Date: March 15, 2021 5:23 pm IST

नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) पोर्टल पर ब्याज आकलन की व्यवस्था (ब्याज कैलकुलेटर) विकसित करने की जरूरत बतायी है। ताकि योजना के लाभार्थी कर्ज पर लगने वाले ब्याज का सही तरीके से आकलन कर सके।

बैंकों द्वारा कुछ मामलों में कर्ज राशि में ‘मार्जिन मनी’ (सब्सिडी) को जोड़कर पूरी राशि पर ब्याज वसूले जाने के मामले पाये जाने के बाद समिति ने यह सिफारिश की है।

लोक लेखा समिति ने सोमवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार की प्रमुख योजना पीएमईजीपी का क्रियान्वयन कर रहे खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) को वित्तीय सेवा विभाग/बैंकों के साथ मिलकर एक मजबूत व्यवस्था बनानी चाहिए ताकि अतिरिक्त ब्याज वसूली के मामले नहीं हों।

समिति ने यह पाया कि बैंकों ने ‘मार्जिन मनी’ समेत पूरी कर्ज राशि पर ब्याज वसूला है। इससे लाभार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

इसको देखते हुए समिति ने पोर्टल पर ब्याज गणना की व्यवस्था करने को कहा है जिससे लाभार्थी यह पता लगे सके कि उन्हें वास्तव में कितना ब्याज देना है।

भाषा

रमण अजय

अजय


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