पीएनबी का अपनी अनुषंगी कंपनियों के मौद्रीकरण का तत्काल कोई इरादा नहीं : प्रबंध निदेशक

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पीएनबी का अपनी अनुषंगी कंपनियों के मौद्रीकरण का तत्काल कोई इरादा नहीं : प्रबंध निदेशक

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  • Publish Date - August 2, 2026 / 12:35 PM IST,
    Updated On - August 2, 2026 / 12:35 PM IST

(कुमार दीपांकर)

नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का अपनी अनुषंगी कंपनियों के मौद्रीकरण का तत्काल कोई इरादा नहीं है।

पीएनबी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अशोक चंद्रा ने कहा है कि 18 प्रतिशत के पूंजी पर्याप्तता अनुपात के साथ बैंक इन कंपनियों की कार्यक्षमता और कारोबार को मजबूत कर उनका मूल्य बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

पीएनबी का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 30 जून, 2026 तक बढ़कर 18.13 प्रतिशत हो गया है, जो नियामकीय जरूरत 11.5 प्रतिशत से काफी अधिक है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 17.5 प्रतिशत था।

चंद्रा ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि पूंजी की मजबूत स्थिति को देखते हुए बैंक की बाजार से अतिरिक्त धन जुटाने की तत्काल कोई योजना नहीं है।

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में बैंक करीब 5,000 करोड़ रुपये के एटी-1 और टियर-2 बॉन्ड का भुगतान करेगा। इससे ब्याज खर्च में लगभग 300 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है।

अनुषंगी और सहायक कंपनियों को बाजार में चढ़ाने (मौद्रीकरण) के बारे में चंद्रा ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। बैंक इन कंपनियों को और मजबूत कर भविष्य में अधिकतम मूल्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस और पीएनबी गिल्ट्स जैसी सभी प्रमुख अनुषंगी कंपनियों की पूंजी की स्थिति अच्छी है। बैंक द्वारा प्रायोजित आठ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) भी मजबूत स्थिति में हैं और उन्हें फिलहाल अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता नहीं है।

पंजाब नेशनल बैंक… असम ग्रामीण बैंक, बिहार ग्रामीण बैंक, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, पंजाब ग्रामीण बैंक, हरियाणा ग्रामीण बैंक, मणिपुर ग्रामीण बैंक, त्रिपुरा ग्रामीण बैंक और पश्चिम बंगाल ग्रामीण बैंक का प्रायोजक बैंक है।

पीएनबी प्रमुख ने भरोसा जताया कि चालू वित्त वर्ष में बैंक का शुद्ध लाभ 20,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है। पिछले वित्त वर्ष में बैंक ने 16,904 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से बैंक लगातार हर तिमाही 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा दर्ज कर रहा है और आगे भी इस गति को बनाए रखने की उम्मीद है।

विकास को गति देने के लिए बैंक खुदरा, कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) और स्वयं सहायता समूहों को ऋण विस्तार के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में देख रहा है। चालू वित्त वर्ष में बैंक का लक्ष्य ऋण वृद्धि को 12-13 प्रतिशत और जमा वृद्धि को 9-10 प्रतिशत बनाए रखना है।

भाषा अजय अजय

अजय