बिजली कंपनियों ने नियमों में राहत के लिए एचईआरसी का रुख किया

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बिजली कंपनियों ने नियमों में राहत के लिए एचईआरसी का रुख किया

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 01:39 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 01:39 PM IST

चंडीगढ़, 11 अप्रैल (भाषा) हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों ने ईंधन अधिभार की वसूली से जुड़े नियमों में राहत देने की मांग करते हुए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) का रुख किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बहु-वर्ष शुल्क (एमवाईटी) विनियम, 2024 के विनियमन 68 में संशोधन की मांग करते हुए याचिकाएं दायर की हैं।

मौजूदा नियमों के अनुसार, ईंधन और बिजली खरीद की अतिरिक्त लागत हर महीने उपभोक्ताओं से ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) के जरिए वसूली जाती है।

बिजली कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है कि इस मासिक वसूली को फिलहाल टाल दिया जाए और इसकी जगह यह राशि अगले वित्त वर्षों में सभी उपभोक्ताओं से एक समान दर 47 पैसे प्रति यूनिट से वसूली जाए। कंपनियों ने यह भी मांग की है कि बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए ‘कैरींग कॉस्ट’ (ब्याज जैसी अतिरिक्त लागत) को भी शामिल करने की अनुमति दी जाए।

आयोग ने इस पर तुरंत कोई फैसला नहीं लिया है और पहले जन परामर्श प्रक्रिया अपनाने का निर्णय किया है।

एचईआरसी ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर सभी संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। व्यक्ति और संस्थाएं एक मई तक अपनी राय दे सकते हैं। इस मामले पर 14 मई को पूर्वाह्न 11:30 बजे पंचकूला स्थित आयोग के ‘कोर्टरूम’ में सार्वजनिक सुनवाई होगी।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय