SIR Voter Name Check: एसआईआर के बाद इन राज्यों से काट दिए गए छह करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, बंगाल चुनाव के बीच सामने आई बड़ी जानकारी

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SIR Voter Name Check: एसआईआर के बाद इन राज्यों से काट दिए गए छह करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, बंगाल चुनाव के बीच सामने आई बड़ी जानकारी

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 01:09 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 01:38 PM IST

SIR Voter Name Check: एसआईआर के बाद इन राज्यों से काट दिए गए छह करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, बंगाल चुनाव के बीच सामने आई बड़ी जानकारी / Image: Election Commission of India

HIGHLIGHTS
  • 21 साल का ऐतिहासिक कदम
  • 6.08 करोड़ नामों की कटौती
  • यूपी-बंगाल समेत 12 राज्य अपडेटेड

नयी दिल्ली: SIR Voter Name Check मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी होने के बाद नौ राज्यों और तीन केंद्र-शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूची से लगभग 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम हट गए हैं। उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण पूरा हो गया है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्यप्रदेश और गोवा की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है।

SIR Voter Name Check इन राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 27 अक्टूबर को जब एसआईआर की घोषणा की गई थी, तब इन 12 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूचियों में लगभग 51 करोड़ मतदाताओं के नाम थे। आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित राज्यों की संयुक्त मतदाता सूचियों में लगभग 44.92 करोड़ नाम दर्ज हैं, जो 6.08 करोड़ नाम हटाये जाने को दर्शाता है।

क्या है SIR?

एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन। देश में 1951 से 2004 के बीच यह आठ बार हुआ। अंतिम बार यह 2004 में किया गया था। अब 21 साल बाद यह किया जा रहा है। जबकि यह करीब सात साल बाद होना चाहिए। यह वोटर लिस्ट को माइक्रो लेवल पर शुद्ध करने की प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में ऐसे वोटरों की पहचान कर उनके नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कर दिए जाते हैं। जिनकी मृत्यु हो गई है, जो परमानेंट शिफ्ट हो गए हैं, एक ही राज्य में एक से अधिक वोटर कार्ड बनवा रखे हैं, घुसपैठियों ने वोटर कार्ड बनवा लिए, लापता वोटर और ऐसे कुछ विदेशी वोटर जिनके नाम वोटर लिस्ट में जुड़ गए। इन सभी को एसआईआर प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट से बाहर किया जाता है।

क्यों पड़ी SIR की जरूरत?

चूंकि देश में लंबे समय से एसआईआर प्रक्रिया नहीं हुई थी। ऐसे में राज्यों की वोटर लिस्ट को शुद्ध करना बेहद जरूरी था। इसी वजह से मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर शुरू करने का यह बीड़ा उठाया। जिसके तहत पहले चरण में बिहार में एसआईआर का काम पूरा कर लिया गया है। दूसरे चरण में यूपी और पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों में एसआईआर की घोषणा कर दी गई है। तीसरे चरण में बाकी बचे राज्यों में इसे शुरू किया जाएगा।

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SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) क्या है और यह सामान्य रिवीजन से कैसे अलग है?

सामान्य रिवीजन हर साल होता है, लेकिन SIR एक "गहन" प्रक्रिया है जो कई सालों में एक बार होती है। इसमें बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करते हैं ताकि मृतक, शिफ्ट हो चुके या फर्जी वोटरों की पहचान कर उन्हें हटाया जा सके।

इस प्रक्रिया के तहत किन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं?

मुख्य रूप से उन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, जिनके पास एक से अधिक वोटर आईडी हैं, या जो अवैध निवासी/विदेशी पाए गए हैं।

क्या मेरा नाम भी लिस्ट से हट सकता है? मैं अपना नाम कैसे चेक करूँ?

हाँ, यदि आप लंबे समय से अपने पते पर मौजूद नहीं हैं, तो नाम हटने की संभावना हो सकती है। आप चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर या 'Voter Helpline App' के जरिए अपना नाम चेक कर सकते हैं।

अगर मेरा नाम गलती से कट गया है, तो मुझे क्या करना चाहिए?

घबराएं नहीं। आप चुनाव आयोग के पोर्टल पर जाकर फॉर्म 6 (Form 6) भरकर अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। इसके लिए आपको निवास और आयु का प्रमाण देना होगा।

SIR का तीसरा चरण कब और कहाँ शुरू होगा?

बिहार (पहला चरण) और यूपी-बंगाल समेत 12 राज्यों (दूसरा चरण) के बाद, अब चुनाव आयोग जल्द ही शेष राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा आदि) के लिए तीसरे चरण की तारीखों की घोषणा करेगा।