(लक्ष्मी देवी ऐरे)
नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र के प्याज बफर स्टॉक की गुणवत्ता अच्छी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्याज की बेहतर भंडारण अवधि सुनिश्चित करने के लिए इस साल पहली बार केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) को भंडारण का जिम्मा सौंपा गया था।
खरे ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें दावा किया गया था कि सरकार द्वारा रखे गए 1.21 लाख टन प्याज बफर स्टॉक का 30 प्रतिशत हिस्सा सड़ चुका है। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। गुणवत्ता अच्छी
है।”
सचिव ने कहा कि पिछले वर्षों के विपरीत, जब प्याज का बफर स्टॉक व्यापारियों के पास रखा जाता था, इस बार यह जिम्मेदारी सीडब्ल्यूसी को सौंपी गई थी, जिसमें एक तीसरा पक्ष नियमित अंतराल पर स्टॉक की गुणवत्ता का आकलन करता है।
प्याज भंडारण के पीछे के विज्ञान को समझाते हुए खरे ने कहा कि इस सब्जी में 90 प्रतिशत पानी होता है और कटाई के बाद यह तीन महीने तक अपनी गुणवत्ता बनाए रखती है, जिसके बाद पानी के वाष्पीकृत होने के कारण यह हर महीने सिकुड़ती जाती है। उन्होंने कहा कि खराब होने की सीमा भंडारण की स्थिति और हवा की आवाजाही पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ प्याज मई में खरीदा गया था, लेकिन बफर स्टॉक का बड़ा हिस्सा जून-जुलाई में खरीदा गया था, यही वजह है कि गुणवत्ता अच्छी बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि इस साल प्याज की रिकवरी 72 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2022 में 49 प्रतिशत, 2023 में 54 प्रतिशत और 2024 में 63 प्रतिशत थी।
प्याज की खरीद नैफेड और एनसीसीएफ जैसी एजेंसियों के माध्यम से की जाती है।
खरे ने कहा कि अल नीनो का डर अब खत्म होने के साथ खरीफ प्याज की फसल की संभावनाएं भी आशाजनक है। उन्होंने रबी प्याज की फसल पर अल नीनो के प्रभाव को लेकर चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि सिंचाई में सुधार हुआ है और प्रमुख जलाशयों में जल स्तर बेहतर बना हुआ है।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय