नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) वोडाफोन आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के पुनर्मूल्यांकन से कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत हुई है और भविष्य में किए जाने वाले भुगतान को लेकर स्पष्टता बढ़ी है।
बिड़ला ने कंपनी की 31वीं सालाना आम बैठक में कहा कि चालू वित्त वर्ष वोडाफोन आइडिया के लिए काम को अमल में लाने और उसे पूरा करने का साल होगा। कंपनी पहले ही 9,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के ऑर्डर दे चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘…मेरा मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 आपकी कंपनी के लिए काम को अमल में लाने और उसे पूरा करने का वर्ष होगा। इसकी नींव रखी जा चुकी है। पुरानी चुनौतियों से निपटने, वित्तीय मजबूती बहाल करने, नेटवर्क बुनियादी ढांचे में निवेश करने और कारोबार में फिर से गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।’’
वोडाफोन और आइडिया के विलय के बाद संयुक्त कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही में पहली बार शुद्ध रूप से नए ग्राहक जोड़े हैं।
अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में लंबे अंतराल के बाद वोडाफोन आइडिया के ग्राहकों की संख्या तिमाही आधार पर बढ़ी। हालांकि, सालाना आधार पर जून तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब दो प्रतिशत घटकर 19.31 करोड़ रह गई, जो एक साल पहले 19.77 करोड़ थी।
बिड़ला ने कहा कि देनदारी में कमी और भविष्य में किए जाने वाले भुगतान के वर्तमान मूल्य को मान्यता देना 34,552 करोड़ रुपये के एकमुश्त कर-पश्चात लाभ (शुद्ध लाभ) के प्रमुख कारणों में शामिल था।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि एक स्पष्ट दीर्घकालिक पुनर्भुगतान कार्यक्रम तय होने से अनिश्चितता का एक बड़ा कारण खत्म हो गया।’’
केंद्र सरकार ने सांविधिक बकाये के पुनर्मूल्यांकन के बाद कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया की समायोजित सकल राजस्व देनदारी करीब 27 प्रतिशत घटाकर 64,046 करोड़ रुपये कर दी है।
दूरसंचार विभाग ने 31 दिसंबर, 2025 तक एजीआर बकाये को 87,695 करोड़ रुपये पर स्थिर किया था। हालांकि, यह राशि दूरसंचार विभाग के पुनर्मूल्यांकन और उसके द्वारा गठित की जाने वाली समिति की अंतिम मंजूरी पर निर्भर थी।
पुनर्मूल्यांकन के बाद वोडाफोन आइडिया को मार्च 2032 से मार्च 2035 के बीच चार वर्षों में हर साल न्यूनतम 100 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। शेष एजीआर बकाये का भुगतान मार्च 2036 से मार्च 2041 के बीच छह वर्षों में समान वार्षिक किस्तों में करना होगा। यह राशि हर साल 10,608 करोड़ रुपये होगी।
बिड़ला ने कहा कि आदित्य बिड़ला समूह ने मई, 2026 में वारंट के जरिये कंपनी में 4,730 करोड़ रुपये डालने की प्रतिबद्धता जताई थी, जिसमें से 1,183 करोड़ रुपये जून 2026 में प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा, ‘‘अगस्त 2026 तक कंपनी ने करीब 6,400 करोड़ रुपये का वित्तपोषण जुटाया है। इसमें कोष आधारित और गैर-कोष आधारित सुविधाएं तथा जारी किए गए वारंट से मिली अग्रिम राशि शामिल है…।’’
भाषा रमण अजय
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