नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) इस सप्ताह शेयर बाजार की चाल काफी हद तक कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक रुझानों और विदेशी कोषों की आवाजाही पर निर्भर करेगा।
विशेषज्ञों ने कहा कि इसके अलावा निवेशक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और व्यापार वार्ताओं से जुड़ी किसी भी खबर पर कड़ी नजर रखेंगे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ”प्रतिभागी शुरुआत में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गजों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देंगे। इसके बाद ध्यान विभिन्न क्षेत्रों की कई बड़ी और मझोली कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर टिक जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, ”वैश्विक मोर्चे पर जीडीपी वृद्धि दर, बेरोजगारी के दावों और पीएमआई आंकड़ों सहित अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़े जोखिम की भावना और मुद्रा की चाल को प्रभावित करेंगे। भू-राजनीतिक घटनाक्रम और व्यापार वार्ताओं की प्रगति पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।”
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ”नतीजों के अलावा बाजार प्रतिभागी भू-राजनीतिक स्थिति और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संबंध में किसी भी महत्वपूर्ण सूचना पर कड़ी नजर रखेंगे। आम बजट करीब आने के साथ, बजट-पूर्व उम्मीदों के आधार पर क्षेत्र-विशिष्ट हलचल भी बढ़ने की संभावना है।”
ऑनलाइन कारोबारी मंच एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ”भारतीय बाजार नए सप्ताह में सतर्क लेकिन शेयर विशिष्ट रुख के साथ प्रवेश कर रहे हैं। बैंकिंग शेयर सुर्खियों में रह सकते हैं, क्योंकि बाजार आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गजों के साथ ही कई निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाताओं के तिमाही परिणामों का आकलन करेंगे।”
इस सप्ताह बीएचईएल, एलटीआईमाइंडट्री, पीएनबी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), डीएलएफ, बीपीसीएल और अदाणी ग्रीन एनर्जी सहित कई प्रमुख कंपनियों के नतीजे आएंगे।
भाषा पाण्डेय
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