अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 67 पैसे टूटकर 92.16 के सर्वकालिक निचले स्तर पर

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 67 पैसे टूटकर 92.16 के सर्वकालिक निचले स्तर पर

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  • Publish Date - March 4, 2026 / 04:28 PM IST,
    Updated On - March 4, 2026 / 04:28 PM IST

मुंबई, चार मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को रुपया 67 पैसे की गिरावट के साथ 92.16 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।

मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग बढ़ी है। इसके चलते डॉलर सूचकांक 98 के स्तर को पार कर गया, जिससे भारतीय मुद्रा पर दबाव और बढ़ गया।

इसके अलावा घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने भी रुपये की गिरावट में भूमिका निभाई।

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.05 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.35 के अब तक के सबसे निचले स्तर तक चला गया। अंत में यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 67 पैसे की भारी गिरावट के साथ 92.16 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।

इससे पूर्व सोमवार को रुपया 41 पैसे टूटकर 91.49 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

मंगलवार को ‘होली’ के उपलक्ष्य में विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहा था।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘पश्चिम एशिया संघर्ष में आई तीव्रता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों के उत्साह को कम कर दिया है। तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए मुद्रास्फीति की चिंता और राजकोषीय दबाव को बढ़ाती हैं।’

इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.82 पर कारोबार कर रहा था।

भंसाली ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण डॉलर सूचकांक ने सुगमता से 98 का स्तर पार कर लिया, जबकि शेयर और बॉन्ड बाजारों के साथ-साथ सोना-चांदी भी प्रभावित हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.29 प्रतिशत बढ़कर 82.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ईरान पर अमेरिकी हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा प्रवाह बाधित होने की आशंका ने कीमतों को बल दिया है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,295.64 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

भाषा सुमित पाण्डेय

पाण्डेय