राजस्थान मंत्रिमंडल ने पहली सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी दी

राजस्थान मंत्रिमंडल ने पहली सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी दी

राजस्थान मंत्रिमंडल ने पहली सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी दी
Modified Date: January 21, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: January 21, 2026 6:45 pm IST

जयपुर, 21 जनवरी (भाषा) राजस्थान मंत्रिमंडल ने राज्य की पहली सेमीकंडक्टर नीति और नई वैमानिकी एवं रक्षा नीति को बुधवार को मंजूरी दी।

अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य राज्य में रक्षा तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन देने के साथ ही राजस्थान को वैमानिकी व रक्षा विनिर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनाना है।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के उद्योग और वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि राज्य में रक्षा तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन देने के साथ ही राजस्थान को एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘राजस्थान एयरोस्पेस एवं रक्षा नीति’ का अनुमोदन किया गया है।

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उनके मुताबिक, एमएसएमई, स्टार्टअप और नवाचार आधारित तंत्र के विकास पर केन्द्रित इस नीति के अंतर्गत राज्य में एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र के विनिर्माण उद्यमों, उपकरण एवं घटक विनिर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, रखरखाव और मरम्मत समेत अन्य संबंधित इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित राजस्थान की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति राज्य को सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन, पैकेजिंग तथा संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में देश का प्रमुख गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राठौड़ के मुताबिक, यह नीति निवेशकों को आकर्षित कर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देगी और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।

उन्होंने बताया कि इस नीति का प्रमुख उद्देश्य सेमीकंडक्टर और सेंसर के क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करना, विश्व-स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्कों का विकास करना तथा फैबलेस डिजाइन तंत्र को सशक्त बनाना है।

भाषा पृथ्वी नोमान रमण

रमण


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