MP Teacher News: शिक्षकों के लिए फिर आया नया फरमान, कुत्तों की मॉनिटरिंग के बाद अब करेंगे ये भी काम, टीचरों में बढ़ा आक्रोश

शिक्षकों के लिए फिर आया नया फरमान, कुत्तों की मॉनिटरिंग के बाद अब करेंगे ये भी काम, New Order for Teachers in Madhya Pradesh

MP Teacher News: शिक्षकों के लिए फिर आया नया फरमान, कुत्तों की मॉनिटरिंग के बाद अब करेंगे ये भी काम, टीचरों में बढ़ा आक्रोश

Govt Teachers Upgraded Pay Scale || Image- IBC24 News

Modified Date: March 11, 2026 / 09:51 pm IST
Published Date: March 11, 2026 9:50 pm IST

जबलपुर। MP Teacher News: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में जिला शिक्षा केन्द्र के एक आदेश के बाद शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आदेश के तहत शिक्षकों को अब जर्जर शाला भवनों की पहचान करने, उन्हें तुड़वाने और बची हुई सामग्री की नीलामी कराने जैसी जिम्मेदारियां दी गई हैं।

MP Teacher News: जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शिक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में जर्जर स्कूल भवनों की तलाश करनी होगी। इसके बाद उन भवनों को तुड़वाने की प्रक्रिया पूरी करानी होगी। इतना ही नहीं, भवन गिराने के बाद जो भी सामग्री बचेगी उसकी नीलामी कराने और उससे प्राप्त राशि को शासकीय खाते में जमा कराने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों को दी गई है।

शिक्षकों ने जताया कड़ा ऐतराज

New Order for Teachers  इस आदेश के सामने आने के बाद जिले के शिक्षकों ने इसका कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि उनका मूल कार्य शिक्षण कार्य है, लेकिन उन्हें इससे हटाकर ठेकेदार, इंजीनियर और वेंडर जैसे काम करवाए जा रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि इस तरह के आदेश से पढ़ाई प्रभावित होगी और शिक्षकों पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने जिला शिक्षा केन्द्र से इस आदेश को वापस लेने की मांग की है। वहीं, इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आदेश को लेकर जिले में चर्चा और असंतोष का माहौल बना हुआ है।

इन्हें भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।