जयपुर, 16 सितंबर (भाषा) राजस्थान में चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाले विभागों से राज्य की राजस्व प्राप्तियां 57,000 करोड़ रुपये को पार कर गईं। इस दौरान पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले राजस्व प्राप्तियों में 12.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया कि अगस्त, 2026 तक राज्य को 57,396 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्तियां मिलीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह राशि 51,061 करोड़ रुपये थी।
श्रीनिवास ने विभागों को अपने राजस्व लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने, बकाया राशि की वसूली पर ध्यान देने और जहां आवश्यक हो, वहां प्रवर्तन कार्रवाई मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के साथ-साथ ओवरलोडिंग, तेज गति से वाहन चलाने और परिवहन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने पर भी जोर दिया।
बैठक में खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि अगस्त तक खनन क्षेत्र से 4,162 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 20.26 प्रतिशत अधिक है। वहीं, पेट्रोलियम क्षेत्र से 1,107 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा ने बताया कि परिवहन विभाग ने 3,095 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह राशि 2,748 करोड़ रुपये थी।
इसी तरह वाणिज्यिक कर आयुक्त आनंदी ने बताया कि अगस्त तक माल एवं सेवा कर से 19 हजार 622 करोड़ रुपये तथा मूल्य संवर्धित कर से 11 हजार 448 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुई हैं। गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में इनमें क्रमशः 9.07 प्रतिशत और 14.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने 6,313 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 4,956 करोड़ रुपये से 27.38 प्रतिशत अधिक है।
बैठक में आबकारी, श्रम तथा नगरीय विकास एवं आवासन विभागों की राजस्व प्राप्तियों की भी समीक्षा की गई।
भाषा बाकोलिया
राजकुमार अजय
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