आरबीआई ने बैंकों को सीमावर्ती जिलों में नकली मुद्रा पहचानने वाली मशीनें लगाने को कहा

आरबीआई ने बैंकों को सीमावर्ती जिलों में नकली मुद्रा पहचानने वाली मशीनें लगाने को कहा

आरबीआई ने बैंकों को सीमावर्ती जिलों में नकली मुद्रा पहचानने वाली मशीनें लगाने को कहा
Modified Date: July 31, 2026 / 05:29 pm IST
Published Date: July 31, 2026 5:29 pm IST

मुंबई, 31 जुलाई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बैंकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं वाले जिलों में स्थित उनकी शाखाओं में नोट की जांच करने वाली मशीनें लगी होनी चाहिए। केंद्रीय बैंक ने पाया कि नकली मुद्रा की पहचान के लिए कुछ बैंकों के प्रयास पर्याप्त नहीं थे।

केंद्रीय बैंक ने अप्रैल में जारी एक मास्टर निर्देश के माध्यम से बैंकों को नकली नोटों की पहचान करने, सूचना देने और उनकी निगरानी करने पर व्यापक निर्देश जारी किए थे।

बैंकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे नकदी संभालने वाले अपने सभी कर्मचारियों को असली बैंक नोटों की सुरक्षा विशेषताओं के बारे में प्रशिक्षित करें, ताकि वे नकली नोटों की पहचान कर सकें।

इसके अलावा, बैंक को मिलने वाले सभी बैंक नोटों की प्रामाणिकता की जांच मशीनों के माध्यम से की जाएगी, सभी मामलों में जाली नोटों को जब्त किया जाना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में जाली नोट लाने वाले को वापस नहीं लौटाया जाएगा तथा बैंक स्तर पर उसे नष्ट भी नहीं किया जाएगा।

निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार पहचान किए गए सभी जाली भारतीय मुद्रा नोटों (एफआईसीएन) की सूचना देना अनिवार्य है।

एक परिपत्र के मुताबिक, ”रिजर्व बैंक के विश्लेषण से पता चलता है कि इस मामले में कुछ बैंकों के प्रयास पर्याप्त नहीं थे।” परिपत्र में बैंकों को अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है ताकि एफआईसीएन की प्रभावी ढंग से पहचान करने, उन्हें जब्त करने और उनकी सूचना देने के लिए क्षमता और तैयारी को और मजबूत किया जा सके।’’

परिपत्र में कहा गया है कि मौजूदा निर्देशों के अलावा, ”बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे जिलों की शाखाएं नोट सत्यापन वाली मशीनों से लैस हों।”

भाषा

पाण्डेय रमण

रमण


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