अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे चढ़कर 95.35 पर बंद
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे चढ़कर 95.35 पर बंद
मुंबई, 31 जुलाई (भाषा) रुपया शुक्रवार को 15 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.35 (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक के समर्थन से रुपये में मजबूती आई।
हालांकि, विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और डॉलर के मजबूत होने से रुपये की तेजी पर लगाम लगा, जबकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने बाजार को चिंता में डाल दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 95.40 पर खुला और कारोबार के दौरान 95.25-95.46 के दायरे में रहा। अंत में यह पिछले बंद भाव से 15 पैसे बढ़कर 95.35 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
बृहस्पतिवार को रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 26 पैसे बढ़कर 95.50 पर बंद हुआ था, जो लगातार पांचवें सत्र में बढ़त थी।
इस बीच, बृहस्पतिवार को अमेरिका और ईरान दोनों ने एक-दूसरे पर कई मिसाइलें दागीं, जिससे एक-दूसरे पर हमले का सिलसिला फिर शुरू हो गया। इससे तनाव के जल्दी समाधान की उम्मीद कम हुई है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी के विजयकुमार ने कहा, ‘‘इस सप्ताह रिजर्व बैंक की लगातार डॉलर बिकवाली से रुपया मजबूत हो रहा है। रुपये की स्थिरता और मजबूती में योगदान देने वाला दूसरा कारक एफपीआई का निवेश है। पिछले तीन दिनों में, एफपीआई ने 7,360 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एफपीआई की लिवाली के रुख ने घरेलू मुद्रा के लिए माहौल बेहतर किया है।’’
दुनिया की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.28 प्रतिशत बढ़कर 100.14 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक, ब्रेंट क्रूड वायदा 0.42 प्रतिशत बढ़कर 89.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 166.49 अंक बढ़कर 78,094.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 66.45 अंक बढ़कर 24,383.60 अंक पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 3,623.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा राजेश राजेश रमण
रमण निहारिका
निहारिका

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