बैंकों को आरबीआई का निर्देश, रुपये के ओटीसी डेरिवेटिव सौदों की सूचना देना अनिवार्य

बैंकों को आरबीआई का निर्देश, रुपये के ओटीसी डेरिवेटिव सौदों की सूचना देना अनिवार्य

बैंकों को आरबीआई का निर्देश, रुपये के ओटीसी डेरिवेटिव सौदों की सूचना देना अनिवार्य
Modified Date: April 27, 2026 / 10:19 pm IST
Published Date: April 27, 2026 10:19 pm IST

मुंबई, 27 अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को बैंकों को निर्देश दिया कि वे रुपये से जुड़े सभी ‘ओवर-द-काउंटर’ (ओटीसी) विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सौदों की जानकारी भारतीय समाशोधन निगम के ट्रेड रिपॉजिटरी में दर्ज कराएं।

डेरिवेटिव बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय बैंक ने ‘अधिकृत डीलर श्रेणी-1 बैंकों’ के लिए रिपोर्टिंग संबंधी निर्देश जारी किए हैं।

ओटीसी डेरिवेटिव वे वित्तीय सौदे होते हैं जो शेयर बाजार के बजाय सीधे दो पक्षों के बीच किए जाते हैं और इनमें इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग मंचों पर होने वाले सौदे भी शामिल होते हैं।

आरबीआई ने एक परिपत्र में कहा कि अधिकृत डीलर श्रेणी-1 बैंकों को अपने विदेशी संबद्ध पक्षों द्वारा किए गए रुपये से जुड़े सभी डेरिवेटिव सौदों की जानकारी देनी होगी, चाहे उनमें वास्तविक मुद्रा की डिलीवरी हो या सिर्फ नकद निपटान हुआ हो।

हालांकि बैंकों को कुछ लचीलापन भी दिया गया है। अब 10 लाख अमेरिकी डॉलर (या समकक्ष) तक के सौदों, बैक-टू-बैक व्यवस्था के तहत किए गए लेनदेन तथा भारत में अन्य अधिकृत डीलर श्रेणी-1 बैंकों के साथ संबद्ध पक्षों द्वारा किए गए सौदों की जानकारी देना जरूरी नहीं होगा।

केंद्रीय बैंक ने रिपोर्टिंग के लिए चरणबद्ध रूपरेखा भी तय की है। एक जुलाई 2027 से बैंकों को अपनी मूल कंपनी और उसकी शाखाओं द्वारा किए गए सभी ऐसे सौदों की रिपोर्टिंग करनी होगी। अन्य संबद्ध पक्षों के लिए रिपोर्टिंग कवरेज जुलाई 2027 तक 70 प्रतिशत, जनवरी 2028 तक 80 प्रतिशत और जुलाई 2028 तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाना होगा।

परिपत्र के मुताबिक, लेनदेन की रिपोर्टिंग प्राथमिकता के आधार पर उसी दिन की जानी चाहिए, लेकिन हर हाल में यह जानकारी दो कार्यदिवस के भीतर देनी होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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