शहमात The Big Debate: मेल-जोल का टिफिन प्लान.. BJP का नया अभियान! कांग्रेस नेताओं ने कसा तंज, आखिर क्या है भाजपा के नए मिशन का मकसद?

मेल-जोल का टिफिन प्लान.. BJP का नया अभियान! कांग्रेस नेताओं ने कसा तंज, आखिर क्या है भाजपा के नए मिशन का मकसद? Politics Over BJP Tiffin Meeting

शहमात The Big Debate: मेल-जोल का टिफिन प्लान.. BJP का नया अभियान! कांग्रेस नेताओं ने कसा तंज, आखिर क्या है भाजपा के नए मिशन का मकसद?
Modified Date: April 27, 2026 / 11:36 pm IST
Published Date: April 27, 2026 11:36 pm IST

रायपुरः BJP Tiffin Meeting छत्तीसगढ़ में बीजेपी अपने संगठन को बूथ-ब्लॉक स्तर पर मजबूत और सक्रिय रखने समय-समय पर कुछ ना कुछ नए प्रयास करती है। इसी कड़ी में अब प्रदेश में टिफिन मीटिंग्स शुरू हो चुकी है, जिसमें सियासी रणनीति तो बन रही हैं लेकिन टिफिन में आए तरह-तरह के पकवानों के साथ सियासी तौर पर बीजेपी को पोषित करने वाले ये टिफिन, कांग्रेस को खटक रहे हैं। वो इसे असलियत से बचने का नया तरीका बता रही है। सवाल ये है कि ये इस टिफिन पॉलिटिक्स से किसे क्या मिलेगा?

BJP Tiffin Meeting छत्तीसगढ़ में BJP राजनीति का रसोई कनेक्शन से जोड़ने में जुट गई है। टिफिन मीटिंग के जरिए बीजेपी बूथ और शक्ति लेवल तक संगठन को एक्टिव करने की तैयारी में है। शुरुआत की स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीटिंग में मुद्दों से ज्यादा मेन्यू चर्चा में रहा। पार्टी का कहना है कि किसी के साथ आत्मीय रिश्ता बनाने की सबसे अच्छी जगह, एक साथ भोजन करना है, इससे कार्यकर्ताओं के बीच दूरी कम होगी यानी अब संगठन की मजबूती का रास्ता पाताल चटनी और भजिया से होकर गुजरेगा।

बीजेपी जहां टिफिन बैठकों को संगठन मजबूती का जरिया बना रही है, तो वहीं कांग्रेस इस पूरे अभियान पर ही हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि ये टिफिन पॉलिटिक्स जमीनी हकीकत से भागने की प्रयास है। तंज कसा कि पिकनिक पार्टी करने के पहले जाके जनता से पूछें क्या-क्या काम अटके हैं, महतारी वंदन का लाभ मिल रहा है क्या? युवाओं को नौकरी मिली क्या? धान की पूरी खरीदी की है क्या? ये तो सौ फीसद सही बात है कि खाने के टेबल पर दिल को खुश करने वाले व्यंजनों के बीच दूरियां घटती हैं, आत्मीयता बढती है, लेकिन क्या सियासी रसोई में पकी ये टिफिन पॉलिटिक्स वाकई कार्यकर्ताओं को करीब ला पाएगी? या फिर केवल फोटो अपोर्चुनिटी बनकर रह जाएगी? सबसे बड़ा सवाल कि क्या इस आत्मीयता का फायदा आम जनता को होगा?

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।