आरबीआई ने वीआरआर नीलामियों के जरिये प्रणाली में 72,300 करोड़ रुपये डाले

आरबीआई ने वीआरआर नीलामियों के जरिये प्रणाली में 72,300 करोड़ रुपये डाले

आरबीआई ने वीआरआर नीलामियों के जरिये प्रणाली में 72,300 करोड़ रुपये डाले
Modified Date: June 17, 2026 / 04:11 pm IST
Published Date: June 17, 2026 4:11 pm IST

मुंबई, 17 जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बैंकिंग प्रणाली में नकदी बनाए रखने के लिए 72,300 करोड़ रुपये डाले। अग्रिम कर भुगतान के कारण बाजार में नकदी का अधिशेष घट जाने पर यह राशि दो परिवर्ती रेपो दर (वीआरआर) नीलामियों के जरिये डाली गई।

केंद्रीय बैंक ने दो दिन की वीआरआर नीलामी के जरिये 5.26 प्रतिशत की कट-ऑफ दर पर 50,016 करोड़ रुपये डाले। इसके अलावा, दो दिन की एक अन्य नीलामी के माध्यम से 22,284 करोड़ रुपये अलग से डाले गए। इस तरह कुल 72,300 करोड़ रुपये की नकदी डाली गई।

वीआरआर नीलामी आरबीआई का एक माध्यम है, जिसके जरिये वह बैंकिंग प्रणाली में नकदी की अस्थायी कमी या अधिकता को संतुलित करता है।

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 16 जून तक बैंकिंग प्रणाली में तरलता अधिशेष घटकर 23,881.21 करोड़ रुपये रह गया, जो 15 जून को करीब 1.51 लाख करोड़ रुपये था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कमी मुख्य रूप से अग्रिम कर भुगतान के कारण हुई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) भुगतान के चलते आगे भी नकदी की निकासी हो सकती है। ऐसे में आरबीआई आने वाले दिनों में वीआरआर नीलामी के कुछ और सत्र भी आयोजित कर सकता है।

करूर वैश्य बैंक के ट्रेजरी प्रमुख वी रामचंद्र रेड्डी ने कहा कि तरलता अधिशेष में कमी और आगे संभावित निकासी को देखते हुए आरबीआई ओवरनाइट (24 घंटों की अवधि वाली जमा) पर दरों को नियंत्रित रखा जा सके।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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