RBI New Rules: अब बाउंस चार्ज को कहे बाय-बाय! बिना आपकी जानकारी के बैंक नहीं काट सकेंगे EMI, इतने घंटे पहले देनी होगी सूचना, RBI का बड़ा फैसला

RBI New Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए नया नियम लागू किया है। अब बैंक बिना सूचना दिए खाते से EMI या ऑटो-पेमेंट नहीं काट सकेंगे। हर ट्रांजैक्शन से पहले ग्राहक को अलर्ट मिलेगा। जिससे लोगों को अपने पैसे पर ज्यादा नियंत्रण और पारदर्शिता मिलेगी।

RBI New Rules: अब बाउंस चार्ज को कहे बाय-बाय! बिना आपकी जानकारी के बैंक नहीं काट सकेंगे EMI, इतने घंटे पहले देनी होगी सूचना, RBI का बड़ा फैसला

(RBI New Rules/ Image Credit: ANI News)

Modified Date: April 22, 2026 / 04:59 pm IST
Published Date: April 22, 2026 4:35 pm IST
HIGHLIGHTS
  • Reserve Bank of India ने ऑटो-डेबिट के लिए नया नियम लागू किया
  • अब बैंक को 24 घंटे पहले SMS या ईमेल से सूचना देना जरूरी होगा
  • EMI, लोन, बीमा और सब्सक्रिप्शन सभी पर यह नियम लागू होगा

नई दिल्ली: RBI New Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हित में ऑटो-डेबिट सिस्टम को लेकर नया और सख्त नियम लागू किया है। अब बैंक किसी भी तरह की EMI या ऑटो-पेमेंट काटने से पहले ग्राहक को पूरी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। इस नियम का उद्देश्य लोगों के बैंक खाते में होने वाली अचानक कटौती को रोकना और पारदर्शिता लाना है।

24 घंटे पहले मिलेगा अलर्ट

नए नियम के मुताबिक, बैंक को ऑटो-डेबिट ट्रांजैक्शन से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को SMS या ईमेल भेजना होगा। इस नोटिफिकेशन में कटने वाली राशि और उसका कारण साफ-साफ बताया जाएगा। यह नियम होम लोन EMI, कार लोन, बीमा प्रीमियम और सभी तरह के रिकरिंग पेमेंट्स पर लागू होगा, जिससे ग्राहक पहले से तैयारी कर सकेंगे।

ग्राहकों को मिलेगा पूरा कंट्रोल

अब ग्राहक बिना जानकारी पैसे कटने की स्थिति से बच सकेंगे। नोटिफिकेशन मिलने के बाद व्यक्ति चाहें तो पेमेंट को रोक भी सकता है या उसमें बदलाव कर सकता है। इससे गलत ट्रांजैक्शन और अनचाहे पेमेंट्स पर रोक लगेगी। साथ ही समय पर अलर्ट मिलने से लोग अपने खाते में बैलेंस भी आसानी से मैनेज कर पाएंगे और बाउंस चार्ज (Bounce Charge) से बच सकेंगे।

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

अगर कोई बैंक बिना 24 घंटे की सूचना दिए पैसे काटता है, तो ग्राहक इसकी शिकायत बैंक के लोकपाल से कर सकता है। यह नियम ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। अब किसी भी ऑटो-डेबिट पेमेंट में ग्राहक की सहमति और जानकारी सबसे जरूरी होगी, जिससे बैंकिंग सिस्टम और ज्यादा पारदर्शी बन जाएगा।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।