रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट, ईएमआई में देना होगा अधिक ब्याज

रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट, ईएमआई में देना होगा अधिक ब्याज

रिजर्व बैंक ने बढ़ाया रेपो रेट, ईएमआई में देना होगा अधिक ब्याज
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: June 6, 2018 11:10 am IST

नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई ने पहले ही आम जनता की कमर तोड़ दी है। बची कसर पेट्रोल,डीजल और गैस के दामों ने पूरा किया और अब रिजर्व बैंक ने भी अपने रेपो रेट में इजाफा कर दिया है। रेपो रेट 6 से बढ़कर 6.25% फीसदी कर दिया गया है। RBI ने रिवर्स रेप रेट में 50% का इजाफा किया है। रिवर्स रेपो रेट बढ़कर 6.50% प्रतिशत हो गया है।

रेपो रेट बढ़ने से आम लोगों को कर्ज का भार झेलना पड़ेगा। क्यों कर्ज महंगा हो गया है। साथ ही ईएमआई पर अधिक ब्याज देना होगा। इससे पहले पिछले साल अगस्त में आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की थी. इस दौरान आरबीआई ने रेपा रेट 0.25 फीसदी घटाया था. इस कटौती के बाद ही रेपो रेट 6 फीसदी हो गया था।

रिजर्व बैंक ने मौजूदा वित्तीय वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में महंगाई दर 4.8 से 4.9 के बीच रहने की संभावना जताई है। दूसरी छमाही में इसके 4.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। इससे  पहले खबर आई थी की आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं करेगा। 

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रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर बैंक आरबीआई से लोन उठाते हैं. दरअसल जब भी बैंकों के पास फंड की कमी होती है, तो वे इसकी भरपाई करने के लिए केंद्रीय बैंक से पैसे लेते हैं. आरबीआई की तरफ से दिया जाने वाला यह लोन एक फिक्स्ड रेट पर मिलता है. यही रेट रेपो रेट कहलाता है. इसे हमेशा भारतीय रिजर्व बैंक ही तय करता है।


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