नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आरईसी लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 22 प्रतिशत घटकर 3,375.08 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से ब्याज आय में कमी के कारण लाभ कम हुआ है।
कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि पिछले वर्ष की इसी अवधि में उसने 4,309.98 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान, कंपनी की कुल आय घटकर 14,583.39 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्तवर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 15,348.37 करोड़ रुपये थी।
कंपनी की ब्याज आय समीक्षाधीन तिमाही में घटकर 14,119.11 करोड़ रुपये रही, जो वित्तवर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 14,947.26 करोड़ रुपये थी।
वित्तवर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान कंपनी का खर्च बढ़कर 10,168.85 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह 9,858.48 करोड़ रुपये था।
पूरे वित्तवर्ष में कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 16,308.17 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्तवर्ष 2024-25 में 15,884.23 करोड़ रुपये था।
कुल आय बढ़कर 59,628.35 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्तवर्ष 2024-25 में 55,105.20 करोड़ रुपये थी।
कंपनी के निदेशक मंडल ने 10 रुपये अंकित मूल्य के प्रत्येक शेयर के लिए 1.55 रुपये का अंतिम लाभांश घोषित किया। इसके साथ ही, वित्तवर्ष 2025-26 के लिए कुल लाभांश 18.55 रुपये प्रति शेयर है।
एक अलग बयान में, आरईसी ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वृहद आर्थिक स्थितियों और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद, उसने अपना अब तक का सबसे ज्यादा सालाना शुद्ध लाभ दर्ज किया है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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