लाहौर, 28 अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बेटी राबिया इमरान और उनके पति इमरान यूसुफ को भ्रष्टाचार और धनशोधन के एक बड़े मामले में जमानत दे दी।
न्यायाधीश अशफाक अहमद ने दंपति की जमानत याचिकाएं मंजूर कर लीं और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को सात मई तक उन्हें गिरफ्तार करने से रोक दिया।
अदालत के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लाहौर की विशेष अदालत ने प्रधानमंत्री शहबाज की बेटी राबिया इमरान और उनके पति इमरान यूसुफ को भ्रष्टाचार और धनशोधन के मामले में सात मई तक अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी है। दंपति ब्रिटेन से लौटने के बाद अपने वकील के साथ अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। वे 2022 में गिरफ्तारी से बचने के लिए ब्रिटेन चले गए थे।’’
पिछले हफ्ते, एक जवाबदेही अदालत ने ‘पंजाब साफ पानी कंपनी’ मामले से जुड़े अरबों रूपये के भ्रष्टाचार मामले में दंपति के खिलाफ जारी किए गए आजीवन गिरफ्तारी वारंट को निलंबित कर दिया था।
जवाबदेही अदालत ने इमरान खान सरकार के कार्यकाल के दौरान 2022 में उनकी गिरफ्तारी के लिए आजीवन वारंट जारी किए थे।
प्रधानमंत्री की बेटी और उनके पति 2022 में ब्रिटेन भाग गए थे और बाद में अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था।
भाषा शोभना नरेश
नरेश