रिलायंस इन्फ्रा ने शेयर कारोबार पर अंकुश की समीक्षा के लिए सेबी, एनएसई और बीएसई का रुख किया

रिलायंस इन्फ्रा ने शेयर कारोबार पर अंकुश की समीक्षा के लिए सेबी, एनएसई और बीएसई का रुख किया

रिलायंस इन्फ्रा ने शेयर कारोबार पर अंकुश की समीक्षा के लिए सेबी, एनएसई और बीएसई का रुख किया
Modified Date: June 7, 2026 / 03:04 pm IST
Published Date: June 7, 2026 3:04 pm IST

नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने दिवाला कार्रवाई से संबंधित निगरानी ढांचे की समीक्षा की मांग की है, जिसके तहत कंपनी के शेयरों में सप्ताह में केवल एक बार ही कारोबार की अनुमति है।

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने बयान में कहा कि उसने दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) से जुड़े अतिरिक्त निगरानी उपाय (एएसएम) और अपने शेयरों पर लगे कारोबारी प्रतिबंधों की समीक्षा के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) तथा बीएसई के समक्ष एक औपचारिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है।

कंपनी ने सात लाख से अधिक सार्वजनिक शेयरधारकों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का हवाला दिया है।

रिलायंस इन्फ्रा ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के तहत पांच प्रतिशत के सीमित मूल्य दायरे में सप्ताह में केवल एक बार कारोबार की अनुमति है, जिससे शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव पूरी तरह अनुमानित हो जाता है।

कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि बाजार के नियमों को निष्पक्ष मूल्य निर्धारण को बढ़ावा देना चाहिए ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।

बयान के मुताबिक, ‘कंपनी का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंध मौजूदा व्यावसायिक बुनियादी बातों, परिचालन प्रदर्शन या दीर्घकालिक क्षमता को सही ढंग से नहीं दर्शाते।’

कंपनी ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में उसके शेयरों में बाजार में सक्रिय रूप से बड़ा कारोबार होता है, जो निवेशकों की निरंतर भागीदारी को दर्शाता है। ऐसे में कृत्रिम व्यापारिक प्रतिबंधों को जारी रखना खुदरा और छोटे शेयरधारकों के हितों के खिलाफ है और यह बाजार के कामकाज को प्रभावित करता है।

भाषा योगेश अजय

अजय


लेखक के बारे में