आरआईएल की इकाई ने हरियाणा सरकार के साथ किया समझौता, 8,646 करोड़ रुपये का करेगी निवेश
आरआईएल की इकाई ने हरियाणा सरकार के साथ किया समझौता, 8,646 करोड़ रुपये का करेगी निवेश
नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज की अनुषंगी कंपनी मॉडल इकॉनमिक टाउनशिप लि. ने हरियाणा सरकार के साथ दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत कंपनी झज्जर स्थित अपनी टाउनशिप परियोजना में कुल 8,646 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
यह निवेश कंपनी और वे उद्योग करेंगे जो इसकी 8,250 एकड़ की परियोजना में अपना कामकाज स्थापित कर रहे हैं।
आरआईएल समूह की कंपनी ने झज्जर में ‘रिलायंस मेट सिटी’ विकसित करने के लिए भूमि का अधिग्रहण किया है।
जापान सहित 11 देशों की 650 से अधिक कंपनियों ने पहले ही इस एकीकृत स्मार्ट सिटी में अपना परिचालन स्थापित कर लिया है।
मॉडल इकॉनमिक टाउनशिप ने बुधवार को बयान में कहा कि उसने हरियाणा सरकार की ‘मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026’ की शुरुआत के अवसर पर दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को ‘मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति’ की शुरुआत की। इसमें पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान 1.10 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
बयान के अनुसार, पहला समझौता ज्ञापन पर मॉडल इकॉनमिक टाउनशिप लि. ने हस्ताक्षर किये। यह रिलायंस मेट सिटी में निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार के अवसर सृजित करने के राज्य के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
दूसरा समझौता ज्ञापन उन कंपनियों के प्रस्तावित निवेश को एक साथ लाता है जिन्होंने पहले ही रिलायंस मेट सिटी में जमीन ले ली हैं और अपनी सुविधाएं स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं।
बयान में कहा गया, ‘‘सामूहिक रूप से, इन निवेश से लगभग 8,646 करोड़ रुपये प्राप्त होने और 33,250 से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।’’
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और पूर्णकालिक निदेशक श्रीवल्लभ गोयल ने कहा कि हरियाणा ने भारत के प्रमुख निवेश स्थलों में से एक के रूप में अपनी साख बनाई है और ‘मेक इन हरियाणा’ नीति इस यात्रा को नई गति प्रदान करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये निवेश…. नए कारखानों, विस्तारित परिचालन, रोजगार के अवसरों और आर्थिक गतिविधियों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो आने वाले वर्षों में राज्य के विकास में योगदान देंगे।’’
समझौता ज्ञापनों के तहत किए गए निवेश में वाहन और वाहन कलपुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, चिकित्सा उपकरण, जूते और पैकेजिंग सहित कई क्षेत्र शामिल हैं।
भाषा रमण अजय
अजय

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