पंचायती राज संस्थाओं को मिले 1203.60 करोड़ रुपये

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पंचायती राज संस्थाओं को मिले 1203.60 करोड़ रुपये

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 08:35 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 08:35 PM IST

पटना, 25 मार्च (भाषा) केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत अनुदान के रूप में 4,383.98 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसमें परियोजनाओं के लिए निर्धारित और बिना शर्त वाली यानी विवेकाधीन मद में दिये जाने वाले अनुदान की राशि शामिल हैं।

इसके तहत बिहार की त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को निर्धारित कार्यों (टाइड) यानी शर्तों के अधीन दिये जाने वाले अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में 1,203.60 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह जानकारी पंचायती राज विभाग ने दी।

विभाग के अनुसार, 27 जनवरी को पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से शिष्टाचार मुलाकात कर विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों पर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान के तहत 803.79 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान के रूप में अवशेष 2,622.65 करोड़ रुपये तथा राज्य की ग्राम पंचायतों में निर्मित पंचायत सरकार भवनों के क्रियान्वयन एवं रख-रखाव के लिए प्रतिवर्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत केंद्रीय मद के तहत बची हुई 83 करोड़ रुपये की राशि भी जारी करने का अनुरोध भी किया था। साथ ही राज्य के जिला पंचायत संसाधन केंद्रों में कंप्यूटर लैब के सुदृढ़ीकरण, ई-गवर्नेंस कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पंचायत स्तर पर आईटी आधारित सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत संबंधित मद में बजट वृद्धि का आग्रह किया था।

प्रकाश ने राशि जारी किए जाने पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे राज्य की ग्राम पंचायतों में संचालित जनकल्याणकारी कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह राशि ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को स्वच्छता, ओडीएफ की स्थिति के संरक्षण तथा सुरक्षित पेयजल जैसी आधारभूत सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन को बल मिलेगा। राज्य की त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण परिवेश में समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना विभाग का लक्ष्य है। इस दिशा में विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।

भाषा कैलाश

जोहेब रमण

रमण