फर्जी ऐप एक गंभीर खतरा, बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां नियामकों के साथ मिलकर इस पर काम करें: सेबी

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फर्जी ऐप एक गंभीर खतरा, बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां नियामकों के साथ मिलकर इस पर काम करें: सेबी

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 09:12 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 09:12 PM IST

मुंबई, 25 मार्च (भाषा) सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को फर्जी एप्लिकेशन को ‘गंभीर खतरा’ बताया और गूगल और मेटा जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियों से निवेशकों की सुरक्षा के लिए वित्तीय नियामकों के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया।

पांडेय ने कहा कि निवेशकों की भागीदारी में तेजी की लहर जल्द ही आने वाली है और बाजार में सभी संबंधित पक्षों के विश्वास को बनाये रखना आवश्यक है।

उन्होंने यहां गूगल के सहयोग से सत्यापित ऐप लेबल पहल शुरू किये जाने के के अवसर पर कहा कि भारतीय निवेशकों की संख्या 14 करोड़ तक पहुंच गई है और कुल बाजार पूंजीकरण 423 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख ने कहा, ‘‘फर्जी ऐप अब एक गंभीर खतरा हैं और इनसे अपूरणीय वित्तीय क्षति हो सकती है।’’ उन्होंने कहा कि सेबी का दृष्टिकोण किसी भी नुकसान के होने से पहले ही उस पर रोक लगाने का रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘नियामकों, मध्यस्थों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को मिलकर काम करना चाहिए क्योंकि निवेशकों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है।’’

पांडेय ने कहा कि बुधवार को शुरू की गई इस पहल से यह सुनिश्चित होगा कि गूगल के प्ले स्टोर पर मौजूद ऐप में एक सत्यापित बैज यानी विशिष्ट चिह्न हो और उपयोगकर्ता उसे देखने के बाद सुरक्षित रूप से लेनदेन कर सकें।

उन्होंने कहा कि यह पहल शेयर ब्रोकर के 600 ऐप से शुरू हो रही है। पंजीकृत निवेश सलाहकारों और ऑनलाइन बॉन्ड मंचों सहित अन्य मध्यस्थों को भी समय के साथ जोड़ा जाएगा।

पांडेय ने कहा कि सत्यापित बैज की पहल एक अग्रणी प्रयास है और दुनिया के अन्य देश भी इसका अनुसरण करेंगे।

इसी कार्यक्रम में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के सी वार्ष्णेय ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने के तरीके खोजने होंगे कि ऐप स्टोर पर गलत ऐप बिल्कुल भी न हों।

भाषा रमण अजय

अजय