‘इनरोड’ परियोजना के तहत पूर्वोत्तर, प. बंगाल में 1.8 लाख हेक्टेयर में रबड़ की खेती पूरी

‘इनरोड’ परियोजना के तहत पूर्वोत्तर, प. बंगाल में 1.8 लाख हेक्टेयर में रबड़ की खेती पूरी

‘इनरोड’ परियोजना के तहत पूर्वोत्तर, प. बंगाल में 1.8 लाख हेक्टेयर में रबड़ की खेती पूरी
Modified Date: July 15, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: July 15, 2026 7:38 pm IST

गुवाहाटी, 15 जुलाई (भाषा) देश की चार प्रमुख टायर बनाने वाली कंपनियों की एक परियोजना के तहत पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल में लगभग 1.8 लाख हेक्टेयर में रबड़ की खेती का काम पूरा हो गया है। बुधवार को जारी एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई है।

इनरोड (इंडियन नैचुरल रबड़ ऑपरेशन्स फॉर असिस्टेड डेवलपमेंट) परियोजना के तहत, ‘वाहन टायर विनिर्माता संघ (एटीएमए) ने छह साल में 1,100 करोड़ रुपये की लागत से असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में दो लाख हेक्टेयर में रबड़ की खेती विकसित करने की योजना बनाई थी।

इनरोड ने बयान में कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई इनरोड परियोजना ने पिछले पांच वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र के 113 जिलों में 1,79,376 हेक्टेयर में नए प्राकृतिक रबड़ बागान बनाने में मदद की है और उम्मीद है कि मूल रूप से लक्षित 2,00,000 हेक्टेयर में नए बागान लगाने का काम पूरा हो जाएगा।’’

इसमें कहा गया है कि यह इतने कम समय में देश में प्राकृतिक रबड़ की खेती के विस्तार का सबसे बड़ा उदाहरण है।

बयान में कहा गया है कि जब इनरोड पूरा हो जाएगा और यह इलाका लगभग तीन लाख टन प्राकृतिक रबड़ का उत्पादन करने लगेगा, तो देश के कुल उत्पादन में पूर्वोत्तर का योगदान 40-45 प्रतिशत होने का अनुमान है, जो अभी लगभग 15 प्रतिशत है।

भाषा राजेश

राजेश अजय

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