रुपया 60 पैसे की गिरावट के साथ 95.85 प्रति डॉलर पर
रुपया 60 पैसे की गिरावट के साथ 95.85 प्रति डॉलर पर
मुंबई, 11 जून (भाषा) रुपया पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और डॉलर की मजबूती के बीच बृहस्पतिवार को 60 पैसे की भारी गिरावट के साथ 95.85 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, विदेशी मुद्रा की निरंतर निकासी, घरेलू शेयर बाजारों में कमजोर कारोबारी धारणा और डॉलर में मजबूती ने भी स्थानीय मुद्रा पर दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.55 प्रति डॉलर पर खुला। डॉलर के मुकाबले 95.85 के दिन के निचले स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में यह 95.85 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 60 पैसे की गिरावट है।
रुपया बुधवार को 16 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.25 पर बंद हुआ था। अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने तथा घरेलू मुद्रा में और गिरावट को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप से रुपये को समर्थन मिला था।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक-जिंस और मुद्रा जतिन त्रिवेदी ने कहा कि रुपये में कमजोरी देखी गई, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 94 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गईं, जिससे मुद्रा पर फिर से दबाव बढ़ गया। अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार में कमी से आपूर्ति की कमी की चिंता भी बढ़ गई, जिससे तेल की कीमतों को समर्थन मिला और भारत के आयात खर्च को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.07 पर रहा।
वैश्विक कच्चा तेल मानक, ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.67 प्रतिशत टूटकर 92.48 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 150.63 अंक टूटकर 73,832.55 अंक पर जबकि निफ्टी 53.35 अंक फिसलकर 23,161.60 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने बृहस्पतिवार को 1,987.09 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
वहीं अमेरिका और ईरान ने बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन हमले जारी रखे जिससे पश्चिम एशिया युद्ध पुनः शुरुआत के और करीब पहुंच गया है। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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