मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 16 पैसे टूटकर 96 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से घरेलू मुद्रा पर दबाव है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि कच्चे तेल की मजबूत कीमतों और अमेरिका में बाजार मूल्य पर आधारित तथा वास्तविक प्रतिफल बढ़ने से रुपये पर दबाव है। इन दोनों कारणों से भारत समेत उभरते बाजारों से निवेश निकल रहा है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.03 प्रति डॉलर पर खुला। फिर टूटकर 96.13 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 16 पैसे की गिरावट है।
रुपया सोमवार को 95.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत बढ़कर 101.23 पर आ गया।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 503 अंक टूटकर 72,260.09 अंक पर और निफ्टी 151 अंक फिसलकर 22,626.50 अंक पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा कारोबार में भाव 1.51 प्रतिशत बढ़कर 106.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा की आशंकाओं के बीच हुई।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को शुद्ध रूप से 5,353.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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