इस्लामाबाद में सड़कों पर दिखे ‘शिपिंग कंटेनर’, प्रदर्शन के संकेत

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इस्लामाबाद में सड़कों पर दिखे ‘शिपिंग कंटेनर’, प्रदर्शन के संकेत

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 10:29 AM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 10:29 AM IST

इस्लामाबाद, 29 सितंबर (एपी) पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बार फिर प्रदर्शन की सुगबुगाहट दिख रही है क्योंकि शहर के मुख्य मार्गों पर ‘शिपिंग कंटेनर’ रखे हुए नजर आ रहे हैं।

इससे पहले इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने 27 सितंबर को प्रदर्शन की घोषणा की थी जिसे चार अक्टूबर तक टाल दिया गया।

पाकिस्तान में प्रदर्शनों के दौरान ‘शिपिंग कंटेनर’ का सड़कों पर नजर आना आम होता है। आम तौर पर प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को सीमित करने और उन्हें संवेदनशील स्थानों तक पहुंचने से रोकने के लिए अहम रास्तों पर ये ‘शिपिंग कंटेनर’ रखे जाते हैं।

निवासियों के लिए ये लोहे के अवरोधक इस बात की साफ चेतावनी बन चुके हैं कि आगे सड़कें बंद हो सकती हैं, यातायात जाम होगा और इस्लामाबाद व पड़ोसी रावलपिंडी में लंबे चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक जाना पड़ सकता है।

यह ताजा तैनाती जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग करने वाले उनके समर्थकों के प्रस्तावित मार्च से पहले की गई है। क्रेन की मदद से ट्रकों से लाल, नीले और हरे रंग के कंटेनर उठाकर जगह-जगह सड़कों के किनारे रखे गए हैं।

पिछले हफ्ते पुलिस ने इन कंटेनर को अति संवेदनशील ‘रेड जोन’ की ओर जाने वाले अहम रास्तों पर रख दिया जहां संसद, सरकारी दफ्तर और विदेशी दूतावास स्थित हैं।

क्रिकेट से राजनीति में आए और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे खान 2023 से जेल में हैं। भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद वह कई सजाएं काट रहे हैं। खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ का कहना है कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं।

खान को अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पद से हटा दिया गया था। आठ फरवरी 2024 को हुए संसदीय चुनाव और सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद शरीफ फिर से सत्ता में आए। खान की पार्टी का कहना है कि चुनाव में उसका जनादेश छीन लिया गया, हालांकि सरकार इस आरोप से इनकार करती है।

इस्लामाबाद की एक गृहिणी साहिबा बीबी ने कहा, ‘‘यह कंटेनरों का शहर नजर आ रहा है।’’

पीटीआई के शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि उसने मार्च को इसलिए टाल दिया क्योंकि अधिकारियों ने राजधानी तक पहुंचने वाले प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया था, जिसमें अटक पुल भी शामिल है। यह पुल खैबर पख्तूनख्वा से आने वाले काफिलों के लिए एक प्रमुख मार्ग है। पार्टी आयोजकों ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और उनके समर्थकों के संभावित मार्ग पर कंटेनर और नुकीली धातु की चादरें बिछा दी गई थीं।

अधिकारियों ने कहा कि कंटेनर इस्तेमाल करने के लिए वे कंटेनर ट्रक मालिकों को किराया देते हैं। हालांकि, कुछ चालकों का कहना है कि राजमार्गों पर पुलिस उन्हें रोकती है, उनके वाहन जब्त कर लेती है और चाबियां अपने कब्जे में ले लेती है।

कंटेनर ट्रक चालक रहमत गुल ने कहा कि पुलिस ने उन्हें रोका, उनकी चाबियां ले लीं और बाद में उनका ट्रक जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि बाद में कंटेनर को रावलपिंडी के पास एक सड़क पर रख दिया गया।

हालांकि, सरकार ने कहा कि ये एहतियाती कदम जरूरी हैं।

सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने पिछले सप्ताह पेशावर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पीटीआई का प्रदर्शनों के दौरान अराजकता फैलाने और तोड़फोड़ करने का रिकॉर्ड रहा है। उसके समर्थकों को राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’

हालांकि, अफरीदी ने सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि पीटीआई का एकमात्र उद्देश्य खान की रिहाई की मांग को लेकर शांतिपूर्ण रैली करना है।

एपी सुरभि वैभव

वैभव