Former MLA Rampratap Singh passes away: तीन बार के विधायक का निधन, लंबे वक्त से थे बीमार, पार्टी और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर

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Former MLA Rampratap Singh passes away: तीन बार के विधायक का निधन, लंबे वक्त से थे बीमार, पार्टी और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 09:47 AM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 10:41 AM IST

Former MLA Rampratap Singh passes away: तीन बार के विधायक का निधन, लंबे वक्त से थे बीमार, पार्टी और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर/image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का 80 वर्ष की उम्र में निधन
  • रामप्रताप सिंह तीन बार नागौद से विधायक रहे
  • तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया था

सतना। Former MLA Rampratap Singh passes away: मध्यप्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया, बताया जा रहा है कि वे नागौद से 3 बार विधायक रह चुके थे। जो लंबे वक्त से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी निधन की खबर से पार्टी के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

27 सितंबर को तबीयत बिगड़ने पर पूर्व विधायक को दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर रिसर्च सेंटर एयरलिफ्ट किया गया था।

रामप्रताप सिंह का राजनीतिक सफर

Former MLA Rampratap Singh passes away 3 अक्टूबर 1946 को जन्मे रामप्रताप सिंह का राजनीतिक सफर लंबा रहा। वे दो बार जनपद अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष और अपेक्स बैंक के संचालक सहित कई पदों पर रहे। उन्होंने 1985 और 1990 में कांग्रेस के टिकट पर नागौद विधानसभा सीट से चुनाव जीता। 1998 में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

लड़ा था निर्दलीय चुनाव

1998 में टिकट कटने के बाद रामप्रताप सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

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रामप्रताप सिंह कौन थे?

रामप्रताप सिंह नागौद विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे पूर्व राजनेता थे।

रामप्रताप सिंह का निधन कितनी उम्र में हुआ?

उनका निधन 80 वर्ष की उम्र में हुआ।

रामप्रताप सिंह कितनी बार विधायक रहे?

वे तीन बार नागौद से विधायक चुने गए थे।

रामप्रताप सिंह ने पहला चुनाव कब जीता था?

उन्होंने 1985 में कांग्रेस के टिकट पर नागौद विधानसभा सीट से चुनाव जीता था।

1998 में उन्होंने चुनाव कैसे लड़ा था?

कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी।