मुंबई, 17 जून (भाषा) रुपया बुधवार को 10 पैसे की बढ़त के साथ 94.50 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर में गिरावट से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका-ईरान शांति समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना के बीच ब्रेंट कच्चा तेल 79 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख ने भी निवेश धारणा को बल दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.46 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह डॉलर के मुकाबले 94.29 से 94.60 के दायरे में रहा। अंत में यह 94.50 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे की बढ़त है।
रुपया मंगलवार को दो पैसे कमजोर होकर 94.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। रुपया पिछले चार कारोबारी सत्रों में कुल 140 पैसे मजबूत हुआ है।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ वैश्विक बाजारों में सकारात्मक धारणा और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से रुपये के सकारात्मक दायरे में बने रहने की उम्मीद है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी भी इसे समर्थन दे सकती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले से पहले सतर्क रुख अपना सकते हैं। फेड के ब्याज दरों को यथावत रखने के आसार हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.10 से 94.85 के दायरे में रहने का अनुमान है।’’
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.57 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 347.14 अंक चढ़कर 77,155.62 अंक पर जबकि निफ्टी 96.55 अंक की बढ़त के साथ 24,085.70 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 749.18 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका अजय
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