सोयाबीन की उपज बढ़ाने वाली भारत-अमेरिका की संयुक्त परियोजना को एनएसएफ से वित्तपोषण मिला

सोयाबीन की उपज बढ़ाने वाली भारत-अमेरिका की संयुक्त परियोजना को एनएसएफ से वित्तपोषण मिला

सोयाबीन की उपज बढ़ाने वाली भारत-अमेरिका की संयुक्त परियोजना को एनएसएफ से वित्तपोषण मिला
Modified Date: July 31, 2026 / 04:05 pm IST
Published Date: July 31, 2026 4:05 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 31 जुलाई (भाषा) सोयाबीन की उपज के लिए एक कुशल कृषि प्रणाली विकसित करने के लिए भारत-अमेरिका की एक संयुक्त परियोजना को नेशनल साइंस फाउंडेशन (एनएसएफ) से पांच लाख डॉलर से अधिक का वित्तपोषण मिला है।

इस परियोजना का नेतृत्व मेम्फिस विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर जियाओलेई हुआंग कर रहे हैं।

यह परियोजना मिसौरी विश्वविद्यालय, केनेसॉ स्टेट यूनिवर्सिटी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली, शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जम्मू एवं कश्मीर), और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं को एक साथ लाती है।

नेशनल साइंस फाउंडेशन (एनएसएफ) ने तीन साल की इस परियोजना के लिए 5,28,137 अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण दिया है, जो एक अक्टूबर से शुरू होकर 30 सितंबर, 2029 तक चलेगी।

एनएसएफ ने कहा कि इस परियोजना के तहत फसलों और मिट्टी की स्थिति की निगरानी के लिए एक स्मार्ट सेंसर नेटवर्क ‘नेक्स्टजी’ से युक्त वायरलेस संचार और उन्नत एआई उपकरण तैयार किए जाएंगे।

संस्थान ने कहा कि इससे सोयाबीन फसल की स्थिति को समझने और बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

यह परियोजना एनएसएफ और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच एक सहयोग के तहत आगे बढ़ रही है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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