एलपीजी आपूर्ति की चिंता के बीच बिजली के चूल्हे, केतली की बिक्री बढ़ी
एलपीजी आपूर्ति की चिंता के बीच बिजली के चूल्हे, केतली की बिक्री बढ़ी
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच बिजली के चूल्हों (इंडक्शन) और इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री में भारी उछाल आया है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी है।
टाटा समूह की कंपनी क्रोमा ने पिछले कुछ दिनों में चूल्हों की मांग में तीन गुना वृद्धि दर्ज की है, जबकि ‘पिजन’ ब्रांड बनाने वाली कंपनी स्टोवक्राफ्ट लिमिटेड की औसत साप्ताहिक ऑनलाइन बिक्री चार गुना बढ़ गई है।
इन्फिनिटी रिटेल लिमिटेड (क्रोमा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और एमडी शिबाशीष रॉय ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिन में बिजली के चूल्हों की मांग में अचानक तेजी आई है और हमारी औसत दैनिक बिक्री दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।’’
रॉय ने सटीक आंकड़े बताए बिना कहा कि चूल्हों की औसत दैनिक बिक्री सामान्य स्तर से लगभग तीन गुना बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘ग्राहक एक बार में कई चूल्हे खरीद रहे हैं, जो पहले सामान्य नहीं था। यह एहतियाती खरीदारी का संकेत है।’’ इसके साथ ही इलेक्ट्रिक केतली की मांग भी सामान्य से लगभग दोगुनी हो गई है।
रॉय के अनुसार, लोग अब बिजली से चलने वाले चूल्हों को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में देख रहे हैं। क्रोमा इस मांग को पूरा करने के लिए अपने स्टोर और ऑनलाइन बिक्री मंचों पर इनकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है।
वहीं, अमेजन इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले दो दिन में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री 30 गुना बढ़ गई है, जबकि चावल पकाने वाला कुकर (राइस कुकर) और इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर की बिक्री में चार गुना उछाल आया है। एयर फ्रायर और इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री भी दोगुनी हो गई है।
प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु के कुछ हिस्सों में ग्राहक ‘अमेजन नाउ’ के जरिये कुछ ही मिनट में ये चूल्हे और अन्य उत्पाद प्राप्त कर रहे हैं।
स्टोवक्राफ्ट के प्रबंध निदेशक राजेंद्र गांधी ने भी कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने के बाद से ऑनलाइन बिक्री मंच पर बिजली के चूल्हों की औसत साप्ताहिक बिक्री में चार गुना का उछाल आया है।
कंपनी वर्तमान में कर्नाटक के हारोहल्ली स्थित अपने संयंत्र में प्रति माह लगभग दो लाख चूल्हे बनाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी योजना आगामी वित्त वर्ष में चूल्हों की उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की है।’’
कंपनी को उम्मीद है कि उपभोक्ता भविष्य में भी ऊर्जा-कुशल और वैकल्पिक चूल्हों को प्राथमिकता देना जारी रखेंगे।
भाषा सुमित अजय
अजय

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