सतीशन ने पेश किया यूडीएफ सरकार का पहला बजट; मिशन समुद्र, स्वास्थ्य बीमा पर जोर
सतीशन ने पेश किया यूडीएफ सरकार का पहला बजट; मिशन समुद्र, स्वास्थ्य बीमा पर जोर
(तस्वीरों के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 19 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने यूडीएफ सरकार का 2026-27 का पहला बजट शुक्रवार को विधानसभा में पेश किया। इसमें राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वित्तीय सुधारों, बुनियादी ढांचा तथा कल्याणकारी योजनाओं को पेश किया गया।
राज्य के वित्त मंत्री का भी प्रभार संभाल रहे सतीशन ने सरकार पर मौजूद गंभीर वित्तीय दबावों को भी स्वीकार किया।
जनवरी 2026 में पूर्व वामपंथी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट के चार महीने बाद यह संशोधित बजट प्रस्तुत किया गया। इसमें अनुमानित राजस्व में 20,500 करोड़ रुपये की कमी का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य की संचित देनदारियां 87,012 करोड़ रुपये हैं। इनमें केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) और केरल सोशल सिक्योरिटी पेंशन्स लिमिटेड की देनदारियां भी शामिल हैं।
वित्तीय दबाव को उजागर करने के बावजूद, बजट में कई महत्वाकांक्षी विकास योजनाएं भी पेश की गईं। इसका प्रमुख हिस्सा ‘मिशन समुद्र’ है, जो अगले पांच वर्षों में 400 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ केरल को वैश्विक समुद्री केंद्र में बदलने की योजना है।
बजट में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के पांच प्रमुख इंदिरा गारंटी वादों में से एक का भी उल्लेख किया गया, जिसमें ओमन चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने के लिए प्रारंभिक कदम उठाने की घोषणा की गई। योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने का प्रस्ताव है।
मुख्य विपक्ष वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि गंभीर वित्तीय संकट के दावे और बजट में किए गए आवंटनों में विरोधाभास है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि बजट महत्वाकांक्षी घोषणाओं से भरा है, लेकिन इनके क्रियान्वयन और वित्तीय संसाधन जुटाने की स्पष्ट योजना नहीं है।
सतीशन ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य एक डेटा-आधारित प्रशासनिक प्रणाली बनाना है जिससे योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आए तथा विकास के लाभ सभी केरलवासियों तक पहुंचें।
उन्होंने बताया कि मिशन समुद्र के तहत केरल की 600 किलोमीटर लंबी तटरेखा, दो अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, एक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल और 17 छोटे प्रमुख बंदरगाहों का इस्तेमाल कर लॉजिस्टिक, विनिर्माण और बंदरगाह-आधारित विकास पर केंद्रित समुद्री आर्थिक गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी।
राज्य को एक एकीकृत ‘‘बंदरगाह शहर’ के रूप में विकसित किया जाएगा जो सड़क, रेल, समुद्री मार्ग और अंतर्देशीय जलमार्गों को विनिर्माण क्षेत्रों और नए शहरों से जोड़ेगा।
विझिंजम और कोच्चि बंदरगाहों के पास विनिर्माण क्षेत्र, ‘स्टफिंग सेंटर’ और ‘ड्राई पोर्ट’ स्थापित किए जाएंगे। विझिंजम को भारत के प्रमुख ‘ग्रीन बंकरिंग पोर्ट’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
दक्षिण केरल आर्थिक गलियारे बनाने की भी घोषणा की गई, जो तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और अलाप्पुझा को जोड़ेगा। निवेशकों को भूमि, अनुमोदन और सहायता प्रदान करने के लिए निवेश केरल प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा।
सरकार ने केरल को दक्षिण भारत का प्रमुख ‘एविएशन-लॉजिस्टिक’ केंद्र बनाने की योजना भी बनाई है, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
करीब 10,000 सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
चिकित्सकीय शिक्षा के तहत तिरुवनंतपुरम में दूसरा मेडिकल कॉलेज शुरू करने, हरीपाद में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित करने और कासरगोड, इडुक्की, वायनाड और मंजेरी के मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं सुधारने की योजना है।
शिक्षा और भविष्य कौशल पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें केरल नॉलेज वैली, ग्लोबल जॉब वॉच टॉवर, और कृत्रिम मेधा (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग तथा बायोटेक्नोलॉजी पर केंद्रित शोध संस्थान की स्थापना शामिल है।
कृषि क्षेत्र में रबड़ का समर्थन मूल्य 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये किया गया है और महिला किसानों के लिए ‘कृषि सखी’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
विपक्षी दल के नेता पिनराई विजयन ने कहा कि बजट में भविष्य के लिए व्यापक दृष्टि का अभाव है और कई घोषणाएं पुरानी योजनाओं का ही नया रूप हैं।
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि बजट में घोषणाएं तो बहुत हैं, लेकिन इनके वित्तपोषण की स्पष्ट योजना नहीं है।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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