एसबीआई का लक्ष्य डिजिटल विस्तार के साथ ग्राहकों के हितों की रक्षा करना भी : चेयरमैन

एसबीआई का लक्ष्य डिजिटल विस्तार के साथ ग्राहकों के हितों की रक्षा करना भी : चेयरमैन

एसबीआई का लक्ष्य डिजिटल विस्तार के साथ ग्राहकों के हितों की रक्षा करना भी : चेयरमैन
Modified Date: September 27, 2026 / 10:45 am IST
Published Date: September 27, 2026 10:45 am IST

(कुमार दीपांकर)

नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा है कि बैंक की वृद्धि यात्रा का मूल मंत्र ‘डिजिटल फर्स्ट, कस्टमर फर्स्ट, नेशन ऑलवेज’ है।

उन्होंने कहा कि एसबीआई का लक्ष्य डिजिटल प्रौद्योगिकी के विस्तार के साथ ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और देश की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और मजबूत करना है।

शेट्टी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि पिछले दो साल के दौरान बैंक ने पूंजी आधार मजबूत करने, वित्तीय क्षेत्र में अपनी भूमिका गहरी करने और डिजिटल तथा ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया है।

उन्होंने अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में पूंजी जुटाने, एसबीआई म्यूचुअल फंड की सूचीबद्धता और यस बैंक से जुड़े मामले में बैंक की रणनीतिक भूमिका को गिनाया। हालांकि, उनके अनुसार बैंक में हो रहे कई महत्वपूर्ण बदलाव ऐसे हैं, जिनके परिणाम आने वाले वर्षों में अधिक स्पष्ट दिखाई देंगे।

शेट्टी ने कहा कि एसबीआई के लिए डिजिटल बदलाव केवल प्रौद्योगिकी अपनाने तक सीमित नहीं है। डिजिटल बैंकिंग के साथ ग्राहकों की सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता और डिजिटल जागरूकता पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग को केवल लेन-देन तक सीमित रखने के बजाय ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक संबंध बनाने और उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एसबीआई पिछले सात दशक से देश की वास्तविक अर्थव्यवस्था को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है और आगे भी इस यात्रा को जारी रखना चाहता है। बैंक अपनी पारंपरिक संबंध-आधारित बैंकिंग व्यवस्था को डिजिटल नवोन्मेषण के साथ जोड़कर आगे बढ़ेगा।

शेट्टी ने कहा कि एसबीआई का कुल कारोबार 2030 तक दोगुना होकर 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि बैंक ने अपनी ‘प्लैटिनम जुबली’ के लिए कोई औपचारिक कारोबार लक्ष्य तय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वृद्धि दर को देखते हुए 2030 तक बैंक का कुल कारोबार करीब 170-180 लाख करोड़ रुपये हो सकता है और यह आंकड़ा 200 लाख करोड़ रुपये तक भी पहुंच सकता है।

एसबीआई की स्थापना एक जुलाई, 1955 को संसद के कानून के तहत हुई थी। जून, 2026 के अंत तक बैंक का कुल कारोबार बढ़कर 110.01 लाख करोड़ रुपये रहा था।

भाषा अजय अजय

अजय


लेखक के बारे में