सुपरटेक की शेष 14 आवासीय परियोजनाओं के एकीकरण पर शीघ्र निर्णय करे एनसीएलएटीः उच्चतम न्यायालय
सुपरटेक की शेष 14 आवासीय परियोजनाओं के एकीकरण पर शीघ्र निर्णय करे एनसीएलएटीः उच्चतम न्यायालय
नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) से कहा कि कर्ज में डूबी रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक लिमिटेड की शेष 14 आवासीय परियोजनाओं के एकीकरण पर शीघ्र निर्णय लिया जाए ताकि अदालत की निगरानी में उनका निर्माण पूरा कर घर खरीदारों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने लंबित परियोजनाओं को लेकर घर खरीदारों की आशंकाओं पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण से मामले की जल्द सुनवाई करने और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण एवं किसानों जैसे सभी पक्षों को सुनने को कहा।
शीर्ष अदालत ने संकेत दिया कि सुपरटेक की शेष परियोजनाओं को भी अदालती निगरानी के तहत किसी अन्य एजेंसी को सौंपने पर निर्णय लिया जा सकता है।
इससे पहले अदालत 16 परियोजनाओं को पूरा करने का जिम्मा सरकारी निर्माण कंपनी एनबीसीसी को देने के एनसीएलएटी के आदेश को बरकरार रख चुकी है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि सुपरटेक के दिवाला समाधान पेशेवर (आईआरपी) के खिलाफ कथित अनियमितताओं के कारण उसे निलंबित कर दिया गया है, लिहाजा न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी हो गया।
एनसीएलएटी 24 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई कर सकता है।
इससे पहले 12 दिसंबर, 2024 के आदेश में अपीलीय न्यायाधिकरण ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और कर्नाटक में स्थित 16 परियोजनाओं (करीब 49,748 आवास) को पूरा करने का जिम्मा एनबीसीसी को सौंपा था। इन परियोजनाओं में करीब 27,000 खरीदार अपने घरों का इंतजार कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सुपरटेक ने 2010-12 के दौरान लगभग 51,000 घरों की बुकिंग की थी, लेकिन वित्तीय संकट के चलते 2021 में दिवाला प्रक्रिया शुरू होने के बाद कई परियोजनाएं अधर में लटक गईं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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