नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने धेनु बिल्डकॉन इन्फ्रा के छह तरजीही आवंटियों को कंपनी के शेयर बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कंपनी में 1,000 करोड़ रुपये के कथित ऋण के जरिये धन की हेराफेरी के प्रथम दृष्टया सबूत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को पारित 112 पृष्ठ के अंतरिम आदेश में कहा कि कंपनी को दिसंबर, 2024 में आठ दिन के दौरान 46 लेनदेन के जरिये सात संस्थाओं से कथित तौर पर 1,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
हालांकि, बैंक खातों की जांच में पाया गया कि इस राशि के पीछे स्वतंत्र बाह्य स्रोतों से वास्तविक रूप से नई पूंजी के रूप में कोई समर्थन प्राप्त नहीं था।
नियामक ने कहा कि इसके बजाय शुरुआती 25 करोड़ रुपये की राशि की कई इकाइयों के माध्यम से हेराफेरी की गयी और अलग-अलग रास्तों से धेनु बिल्डकॉन इन्फ्रा में वापस लायी गयी। इससे ऐसा लगा कि कंपनी को कुल 1,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
सेबी के अनुसार, कथित कर्ज में से 840 करोड़ रुपये को बाद में तरजीही आवंटन के माध्यम से 5,91,54,92,940 इक्विटी शेयरों में परिवर्तित कर दिया गया।
जिन छह आवंटियों पर रोक लगाई गई है, उनमें गोलकोंडा एल्युमिनियम एक्सट्रूजंस, शांता एजेंसीज, श्री निवास लीजिंग एंड फाइनेंस, तियान कंज्यूमर, ट्विंकल मर्केंटाइल्स एंड क्रेडिट्स और उत्सव सिक्योरिटीज शामिल हैं। इन सभी के पास मिलकर डीबीआईएल की कुल समायोजित इक्विटी शेयर पूंजी का करीब 99.70 प्रतिशत हिस्सा है।
सेबी ने कहा कि 31 जुलाई, 2026 से पहले तीन महीने के मात्रा भारांश औसम कीमत (वीडब्ल्यूएपी) के आधार पर इन तरजीही शेयरों का बाजार मूल्य करीब 5,667.04 करोड़ रुपये था।
नियामक की कार्रवाई 15 अगस्त को ‘लॉक-इन’ अवधि खत्म होने के बाद कुछ आवंटियों द्वारा शेयर बिक्री शुरू कर करने के बाद हुई। आदेश के अनुसार, इन संस्थाओं ने दो दिन की अवधि में कुल 17,444 शेयर बेचे, जिनकी कीमत 1.34 लाख रुपये थी।
सेबी ने कहा कि मौजूदा बाजार कीमतों पर इन शेयरों की बिक्री की अनुमति देने से भोले-भाले निवेशकों की कीमत पर करीब 5,667 करोड़ रुपये के अनुचित लाभ की संभावना बन सकती थी।
सेबी ने वीरेंद्र और सुरेंद्र जैन को कथित योजना में प्रमुख भागीदार के रूप में भी चिन्हित किया है। नियामक के अनुसार, प्रथम दृष्टया वे जुड़ी हुई संस्थाओं के नेटवर्क की स्थापना और संचालन, उनके वित्तीय एवं परिचालन नियंत्रण, बैंकिंग व्यवस्था और धन हस्तांतरण में शामिल थे।
इसके बाद बाजार नियामक ने छह आवंटियों को धेनु बिल्डकॉन इन्फ्रा लिमिटेड (डीबीआईएल) के शेयरों की बिक्री से प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं, दोनों व्यक्तियों को अगले आदेश तक प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री या किसी भी तरह के लेनदेन से रोक दिया गया है।
सेबी ने डीबीआईएल को भी अगले आदेश तक पूंजी संरचना में बदलाव, बोनस शेयर जारी करने, राइट इश्यू, शेयर विभाजन या लाभांश जैसे कदम उठाने से रोक दिया है।
नियामक ने डीबीआईएल मामले में बाजार नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच शुरू की थी। यह जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) से 20 अप्रैल, 2026 को मिले संदर्भ के आधार पर शुरू की गई।
सेबी ने यह जांच एक अगस्त, 2024 से 31 जुलाई, 2026 तक की अवधि के लिए की।
भाषा रमण अजय
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