IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026:
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026) प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किया गया। सम्मान पाने वालों में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा की ताहिरा खान भी शामिल है।
स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप अवार्ड 2026 के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से एक बेहद गौरवशाली और प्रेरणादायक खबर सामने आ रही है, जहां छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वीं बोर्ड परीक्षा में पेंड्रा की होनहार बेटी ताहिरा खान ने पूरे प्रदेश में चौथा स्थान हासिल कर अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे जिले का मान बढ़ाया है। ताहिरा ने इस परीक्षा में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 97.60 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पेंड्रा की इस छात्रा ने गणित विषय के साथ परीक्षा देते हुए कुल 500 अंकों में से 488 अंक हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। ताहिरा की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे जिले में हर्ष का माहौल है और उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली ताहिरा की यह सफलता उन सभी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। ताहिरा के पिता आबिद खान कपड़े का व्यवसाय करते हैं और अपनी आजीविका चलाने के लिए साप्ताहिक बाजारों में दुकान लगाते हैं, वहीं उनकी माता अफसाना बेगम एक कुशल गृहिणी हैं। इस पूरे सफर में ताहिरा को अपने चाचा और पेशे से अधिवक्ता अब्दुल रशीद का भी भरपूर सहयोग और मार्गदर्शन मिला, जो समय-समय पर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करते रहते थे। एक सामान्य व्यवसाई परिवार की बेटी ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मुकाम हासिल करना असंभव नहीं है।
अपनी इस शानदार कामयाबी की रणनीति और दिनचर्या को साझा करते हुए ताहिरा ने बताया कि वे परीक्षा की तैयारी के दौरान रोजाना लगभग छह घंटे की नियमित पढ़ाई करती थीं। आधुनिक दौर के युवाओं के विपरीत, उन्होंने सोशल मीडिया को अपनी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया, बल्कि मोबाइल और इंटरनेट का सही इस्तेमाल करते हुए इसे अपनी शिक्षा के लिए एक मददगार टूल के रूप में इस्तेमाल किया। ताहिरा ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, चाचा के मार्गदर्शन और स्कूल के शिक्षकों की कड़ी मेहनत को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। भविष्य की योजनाओं को लेकर ताहिरा का लक्ष्य बेहद स्पष्ट और देश सेवा से प्रेरित है। वे आगे चलकर सिविल सर्विसेज की तैयारी करना चाहती हैं और एक प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश व समाज की उन्नति में अपना योगदान देना चाहती हैं।
ताहिरा ने प्रदेश की प्रावीण्य सूची में चौथा स्थान तो प्राप्त किया ही है, साथ ही वे अपने जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की टॉपर (प्रथम स्थान) भी बनी हैं। इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए उन्हें मध्य भारत के प्रतिष्ठित और लोकप्रिय न्यूज चैनल आईबीसी 24 की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप अवार्ड 2026 से सम्मानित किया जाएगा। चैनल की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए ताहिरा ने कहा कि इस तरह के सम्मान और स्कॉलरशिप से छात्राओं का मनोबल काफी बढ़ता है और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए एक नई ऊर्जा व प्रेरणा मिलती है। ताहिरा की इस कामयाबी ने छत्तीसगढ़ की बेटियों की क्षमता को एक बार फिर से रेखांकित किया है।
बता दें कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल 2015 से ही यह स्कॉलरशिप प्रदान कर रहा है। IBC24 अपने स्थापना के समय से ही बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहा है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप हमारे इस मुहिम की एक बानगी है। इसके जरिए हम बेटियों को उड़ान भरने के लिए आसमान देते हैं, जिससे वह समाज बीच बेटियों के लिए पनपी गलत धारणाओं को दूर कर सकें।