प्रिंट से तेज बढ़ेगी बड़े समाचारपत्रों की गैर-प्रिंट आय, 10-12 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान: रिपोर्ट

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प्रिंट से तेज बढ़ेगी बड़े समाचारपत्रों की गैर-प्रिंट आय, 10-12 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान: रिपोर्ट

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 10:09 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 10:09 PM IST

मुंबई, 19 अगस्त (भाषा) देश के बड़े समाचारपत्र समूहों की गैर-प्रिंट कारोबार से होने वाली आय वित्त वर्ष 2024-25 से 2026-27 के दौरान 10-12 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जबकि पारंपरिक प्रिंट कारोबार की अनुमानित राजस्व वृद्धि दो-तीन प्रतिशत रह सकती है। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया।

क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल मंच, बाहरी विज्ञापन और कार्यक्रम प्रबंधन जैसे गैर-प्रिंट कारोबार अब बड़े समाचारपत्र समूहों की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इन कारोबार की कुल आय में हिस्सेदारी वर्ष 2019 के 13 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में करीब एक-चौथाई हो गई है।

क्रिसिल रेटिंग्स ने देश के सबसे अधिक प्रसार वाले पांच दैनिक समाचारपत्रों के प्रदर्शन के विश्लेषण के आधार पर कहा कि समाचार पाठकों की संख्या में लगातार कमी के बीच बड़े समाचारपत्र समूह अब केवल प्रिंट कारोबार पर ही निर्भर नहीं हैं।

रिपोर्ट कहती है कि बड़े समाचारपत्रों की प्रसार संख्या 2019 में 1.5 करोड़ थी लेकिन यह घटकर 2025 में एक करोड़ रह गई। डिजिटल मंचों की तरफ युवाओं के बढ़ते रुझान के कारण इस संख्या में आगे भी गिरावट आने की आशंका है।

पाठकों की संख्या में गिरावट के कारण पिछले सात वर्षों में प्रिंट विज्ञापन समेत प्रिंट संस्करण से जुड़ी आय सालाना आधार पर एक-दो प्रतिशत घट जाने का अनुमान है।

क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक एवं उप मुख्य रेटिंग अधिकारी मनीष गुप्ता ने कहा कि पारंपरिक प्रिंट कारोबार पर ‘संरचनात्मक दबाव’ बना हुआ है। ऐसे में बड़े समाचारपत्र समूहों के लिए कारोबार में विविधता लाना अब विकल्प नहीं रह गया है।

गुप्ता ने कहा, ‘‘मजबूत ब्रांड, व्यापक क्षेत्रीय पहुंच और विज्ञापनदाताओं को प्रिंट, डिजिटल, रेडियो, कार्यक्रम और बाहरी मीडिया को एकीकृत सेवाओं के रूप में उपलब्ध कराने की क्षमता गैर-प्रिंट आय में तेज वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।’’

रिपोर्ट के मुताबिक, समाचारपत्रों के गैर-प्रिंट कारोबार बढ़ने के बावजूद ये उतने लाभदायक नहीं हैं। बाहरी विज्ञापन और कार्यक्रम प्रबंधन कारोबार में अधिक लागत आने और कड़ी प्रतिस्पर्धा होने के कारण लाभ कम रहता है। लेकिन डिजिटल कारोबार के विस्तार और बड़े स्तर पर संचालन से मिलने वाले लाभ के कारण गैर-प्रिंट कारोबार का मार्जिन 12-13 प्रतिशत पर बने रहने की उम्मीद है।

क्रिसिल ने कहा कि आय के बदलते स्वरूप के बावजूद बड़े प्रकाशकों की ऋण साख मजबूत बने रहने की उम्मीद है। कम कर्ज वाले पूंजीगत ढांचे, शुद्ध नकदी की स्थिति और पर्याप्त नकद निवेश के कारण उनके पास प्रिंट कारोबार से होने वाली आय में नरमी के बीच भी निवेश करने की वित्तीय क्षमता है।

क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक अंकित हखू ने कहा, “साख की मजबूती प्रिंट कारोबार की दिशा से कम और बही-खाते की मजबूती से अधिक तय होगी।”

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि समाचारपत्रों को प्रसार में गिरावट अनुमान से अधिक तेज रहने, डिजिटल मंचों से कमाई में धीमी वृद्धि और गैर-प्रिंट कारोबार को बड़े स्तर पर पहुंचाने में देरी जैसे पहलुओं पर नजर रखनी होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय