अहमदाबाद, 19 अगस्त (भाषा) गुजरात सरकार ने विदेश में पढ़ाई की ऋण योजना के तहत अनारक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को सहायता पहुंचाने के लिए अधिकतम वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को छह लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
राज्य सरकार ने बयान में कहा कि इस फैसले से मध्यम आय वर्ग के अधिक छात्र विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए ऋण सहायता के पात्र हो सकेंगे।
यह योजना गुजरात अनारक्षित शैक्षिक एवं आर्थिक विकास निगम के माध्यम से लागू की जा रही है।
संशोधित मानदंडों के तहत, सामान्य वर्ग के ऐसे छात्र जिनके परिवार की वार्षिक आय अधिकतम 10 लाख रुपये तक है, वह योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे पहले आय सीमा छह लाख रुपये थी।
बयान में कहा गया कि आय सीमा बढ़ने से ऐसे छात्र भी विदेश में उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता हासिल कर सकेंगे, जो पहले आय सीमा के कारण योजना का लाभ नहीं उठा पाते थे।
भाषा यासिर अजय
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