नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय विवरण के फॉरेंसिक ऑडिट के लिए 18 और फर्मों को अपने पैनल में शामिल किया है। इनमें अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी, केपीएमजी एश्योरेंस एंड कंसल्टिंग सर्विसेज एलएलपी, जेडएक्स ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी और नांगिया एंड कंपनी शामिल हैं।
सेबी ने 15 जुलाई को जारी अधिसूचना में बताया कि नए फॉरेंसिक ऑडिटर का चयन नवंबर, 2025 में जारी सार्वजनिक खरीद सूचना के आधार पर की गई प्रक्रिया के तहत किया गया है। ये कंपनियां अप्रैल, 2025 में जारी फॉरेंसिक ऑडिटर की सूची के अतिरिक्त हैं।
नियामक के अनुसार, नई सूची के प्रकाशन की तारीख से ये कंपनियां तीन साल तक पैनल में रहेंगी।
नए शामिल किए गए अन्य संस्थानों में जे सी काबरा एंड एसोसिएट्स, जे मंडल एंड कंपनी एलएलपी, जे सिंह एंड एसोसिएट्स, जैन जगावत कामदार एंड कंपनी, पिपारा एंड कंपनी एलएलपी, आर काबरा एंड कंपनी एलएलपी, आर एस पटेल एंड कंपनी, रवि राजन एंड कंपनी एलएलपी, एस एस पेरिवाल एंड कंपनी, सारथ एंड एसोसिएट्स, एसकेवीएम एंड कंपनी, वी सिंघी एंड एसोसिएट्स, एएसए एंड एसोसिएट्स एलएलपी और सीएलए इंडस वैल्यू कंसल्टिंग शामिल हैं।
नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के फॉरेंसिक सलाहकार विभाग के वरिष्ठ भागीदार श्रीनिवास राव ने कहा कि सेबी द्वारा पैनल में शामिल किया जाना इन कंपनियों की फॉरेंसिक सेवाओं में विशेषज्ञता और पारदर्शिता तथा निवेशक हितों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह मान्यता वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में भरोसेमंद भागीदार के रूप में कंपनियों की भूमिका को और मजबूत करती है।
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