सेबी ने आईपीओ खुलासे के नियमों को सरल बनाया; ‘संक्षिप्त विवरण पुस्तिका का मसौदा’ पेश किया

सेबी ने आईपीओ खुलासे के नियमों को सरल बनाया; 'संक्षिप्त विवरण पुस्तिका का मसौदा' पेश किया

सेबी ने आईपीओ खुलासे के नियमों को सरल बनाया; ‘संक्षिप्त विवरण पुस्तिका का मसौदा’ पेश किया
Modified Date: March 23, 2026 / 04:49 pm IST
Published Date: March 23, 2026 4:49 pm IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के दस्तावेजों को सरल और मानकीकृत बनाने के लिए ‘संक्षिप्त विवरण पुस्तिका का मसौदा’ पेश किया है। इस कदम का उद्देश्य निर्गम संबंधी जानकारियों को निवेशकों के लिए अधिक सुलभ और समझने में आसान बनाना है।

अब सार्वजनिक निर्गम लाने वाली कंपनियों को अपने विस्तृत प्रस्ताव दस्तावेजों के साथ इस संक्षिप्त विवरण पुस्तिका को भी जमा करना अनिवार्य होगा।

नियामक ने कहा कि इस दस्तावेज में कंपनी के कारोबारी मॉडल, वित्तीय विवरण, प्रवर्तकों, जोखिम कारकों और मुख्य प्रदर्शन संकेतकों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अत्यंत सरल प्रारूप में प्रस्तुत की जाएगी।

सेबी द्वारा 16 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस संक्षिप्त मसौदे को निर्गम जारी करने वाली कंपनी, नियामक, उन शेयर बाजारों जहां प्रतिभूतियां सूचीबद्ध होनी हैं, और निर्गम से जुड़े मुख्य प्रबंधकों की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा।

नियामक ने यह भी निर्देश दिया है कि कंपनियां आवेदन पत्रों और विज्ञापनों में ‘क्यूआर कोड’ और लिंक उपलब्ध कराएं, ताकि निवेशक विवरण पुस्तिका और मूल्य सीमा की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।

सूचनाओं की स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए सेबी ने शब्द सीमा भी निर्धारित की है। कंपनी के प्राथमिक व्यवसाय का सारांश 500 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उद्योग के अवलोकन के लिए 250 शब्द और प्रत्येक प्रवर्तक की पृष्ठभूमि व योग्यता के विवरण के लिए अधिकतम 100 शब्द तय किए गए हैं। निर्गम से प्राप्त राशि के विशिष्ट उपयोग की जानकारी को तालिका के प्रारूप में देना होगा।

भाषा सुमित अजय

अजय


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