मत्स्य पालन सचिव ने बंदरगाह संचालन में सुधार के लिए सहयोगात्मक प्रयासों का आह्वान किया

मत्स्य पालन सचिव ने बंदरगाह संचालन में सुधार के लिए सहयोगात्मक प्रयासों का आह्वान किया

  •  
  • Publish Date - September 18, 2025 / 05:21 PM IST,
    Updated On - September 18, 2025 / 05:21 PM IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) मत्स्य पालन सचिव अभिलक्ष लिखी ने बृहस्पतिवार को बंदरगाह संचालन में जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता, ऊर्जा बदलाव के मुद्दे पर सार्वजनिक और निजी अंशधारकों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों का आह्वान किया।

उन्होंने यह भी कहा कि मछली पकड़ने के बंदरगाह केवल भौतिक अवसंरचना ही नहीं हैं, बल्कि आर्थिक समृद्धि, पारिस्थितिक स्थिरता और सामाजिक समावेशन के रणनीतिक प्रवेश द्वार हैं।

सचिव खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के साथ तकनीकी सहयोग कार्यक्रम (टीसीपी) समझौते के तहत आयोजित एक वेबिनार में बोल रहे थे।

लिखी ने मछली पकड़ने के बंदरगाहों पर दक्षता और सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए कृत्रिम मेधा और स्वचालन जैसी उन्नत तकनीकों के एकीकरण पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत, गुजरात, दमन और दीव, और पुडुचेरी में 369.80 करोड़ रुपये के कुल निवेश से तीन स्मार्ट और एकीकृत मछली पकड़ने के बंदरगाह विकसित किए जा रहे हैं।

सत्रों में बंदरगाहों को टिकाऊपन और मजबूत अंशधारक सहयोग की ओर ले जाने के लिए एक रूपरेखा के बारे में चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम में एफएओ मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, विगो बंदरगाह (स्पेन) के प्रतिनिधियों, तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, समुद्री बोर्डों, प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरणों, मत्स्य सहकारी समितियों और अन्य प्रमुख अंशधारकों ने भी भाग लिया।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय