‘सेमीकॉन 2.0’ में चिप उद्योग में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की क्षमता: आईईएसए

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‘सेमीकॉन 2.0’ में चिप उद्योग में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की क्षमता: आईईएसए

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 07:40 PM IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) उद्योग निकाय आईईएसए ने कहा कि ‘सेमीकॉन 2.0’ योजना में अगले पांच साल के दौरान सेमीकंडक्टर क्षेत्र में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश को गति देने की क्षमता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोमवार को 1.27 लाख करोड़ रुपये की इस योजना को अधिसूचित किया। इसे पिछले महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी।

भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संघ (आईईएसए) और सेमी इंडिया के अध्यक्ष अशोक चांडक ने कहा, ‘‘मौजूदा निवेश योजनाओं और सेमीकॉन 2.0 के व्यापक दायरे के आधार पर, आईईएसए को लगता है कि इस कार्यक्रम में अगले पांच से सात वर्षों के दौरान फैब, एटीएमपी/ओएसएटी, उपकरण तथा सामग्री, डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) तथा व्यापक आपूर्ति श्रृंखला में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल निजी और उद्योग निवेश को गति देने की क्षमता है।’’

उन्होंने कहा कि अगले पांच से सात वर्षों में देश में 5-7 चिप विनिर्माण इकाइयां (वेफर फैब्स) स्थापित होने की उम्मीद है।

यह योजना 50 करोड़ रुपये से 20,000 करोड़ रुपये के निवेश वाले चिप विनिर्माण और असेंबली संयंत्रों के लिए 25-40 प्रतिशत पूंजीगत व्यय सहायता देती है। यह योजना उन्नत सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान और विकास के लिए परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक का उच्चतम प्रोत्साहन और सेमीकंडक्टर प्रतिभा विकास के लिए भी ऐसा ही प्रोत्साहन देती है।

यह योजना ओएलईडी, माइक्रो-एलईडी तकनीक, एलसीडी सहित डिस्प्ले प्रौद्योगिकियों के उत्पादन का समर्थन करेगी।

चांडक ने कहा कि सरकार की वित्तीय सहायता को कुल निवेश के बजाय एक उत्प्रेरक के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक सेमीकंडक्टर परियोजना अपने चारों ओर एक गुणक प्रभाव पैदा करती है , जो उपकरण, सामग्री, रसायन, सटीक इंजीनियरिंग, पैकेजिंग, परीक्षण, लॉजिस्टिक और प्रतिभा की मांग पैदा करती है।’’

भाषा पाण्डेय अजय

अजय